त्रिची: तमिलनाडु के त्रिची से सिंगापुर जा रही IndiGo की फ्लाइट में शुक्रवार शाम उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी सामने आ गई। स्थिति को देखते हुए पायलटों ने विमान को वापस त्रिची एयरपोर्ट लाने का फैसला किया। विमान में उस समय 127 यात्री सवार थे।
हालांकि, विमान को तुरंत लैंड नहीं कराया गया। सुरक्षित आपात लैंडिंग की तैयारी के लिए विमान ने करीब ढाई घंटे तक आसमान में चक्कर लगाए, जिसके बाद रात लगभग 9 बजे उसे त्रिची इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
👉 यह भी पढ़ें:
- Indigo Flight Emergency Landing: चेन्नई में 224 यात्रियों की जान बाल-बाल बची, लैंडिंग से पहले इंजन में आई खराबी
- Ahmedabad Airport Incident: टला बड़ा विमान हादसा! Air India और IndiGo के विमान आमने-सामने आए, आखिरी वक्त पर बची टक्कर
- तकनीकी खराबी के कारण भोपाल में एयर इंडिया के विमान की इमरजेंसी लैंडिग, दिल्ली से बेंगलुरु जा रहा था विमान
- कोलकाता से श्रीनगर जा रहे इंडियो के विमान की वाराणसी में इमरजेंसी लैंडिंग, हवा में ही लीक होने लगा था फ्यूल
- मुंबई से अमेरिका जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तकनीकी खराबी, बीच रास्ते से लौटा विमान, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
- एयर इंडिया की फ्लाइट की बर्मिंघम में इमरजेंसी लैंडिंग, अमृतसर से रवाना हुई थी फ्लाइट, सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित

उड़ान भरने के कुछ देर बाद आई समस्या
जानकारी के मुताबिक, विमान ने शुक्रवार शाम त्रिची एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए उड़ान भरी। टेकऑफ के कुछ समय बाद पायलट को विमान में तकनीकी गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तत्काल त्रिची एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया।
आपात स्थिति में विमान को सुरक्षित उतारने के लिए पायलटों को विमान का वजन कम करना जरूरी था। इसी प्रक्रिया के तहत विमान ने हवा में चक्कर लगाकर अतिरिक्त ईंधन की मात्रा कम की, ताकि लैंडिंग के दौरान जोखिम घटाया जा सके।
एयरपोर्ट पर किए गए आपात इंतजाम
त्रिची एयरपोर्ट के निदेशक गोपालकृष्णन के अनुसार, पूरी प्रक्रिया के दौरान एयरपोर्ट अधिकारियों और ATC की टीम पायलटों के लगातार संपर्क में रही। रनवे पर इमरजेंसी और सुरक्षा सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया था।
करीब ढाई घंटे बाद विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को उनकी मंजिल सिंगापुर तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई।
IndiGo फ्लाइट में लगातार दूसरे दिन तकनीकी समस्या
इस घटना ने विमान सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। IndiGo ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि विमान में किस तरह की तकनीकी खराबी आई थी।
इससे पहले, 20 अगस्त को दिल्ली से मंगलुरु जा रही IndiGo की फ्लाइट में भी रनवे पर टैक्सींग के दौरान तकनीकी समस्या सामने आई थी।
हालांकि दोनों घटनाओं के कारण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं के चलते यात्रियों की सुरक्षा और विमान रखरखाव पर चर्चा तेज हो गई है।
सवाल यह है—क्या लगातार सामने आ रही तकनीकी घटनाओं के बाद एयरलाइंस की सुरक्षा और मेंटेनेंस व्यवस्था की अतिरिक्त जांच होनी चाहिए? अगर आप इस फ्लाइट में यात्री होते, तो ऐसी स्थिति में आपकी पहली चिंता क्या होती? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



