यादाद्रि-भुवनगिरी: तेलंगाना के यादाद्रि-भुवनगिरी जिले में शुक्रवार देर रात एक फार्मा कंपनी में हुए भीषण रिएक्टर विस्फोट से हड़कंप मच गया। पोचमपल्ली मंडल के डोटिगुडेम गांव स्थित हेजेलो लैब प्राइवेट लिमिटेड में हुए धमाके में दो कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
धमाके के बाद फार्मा यूनिट में आग भी लग गई। सूचना मिलते ही दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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रात करीब 10:30 बजे मिली धमाके की सूचना
दमकल विभाग के अधिकारी के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने रात करीब 10:30 बजे फार्मा कंपनी में जोरदार धमाके की सूचना दी। जानकारी मिलते ही चौटुप्पल से एक दमकल वाहन और अन्य स्थानों से दो और दमकल वाहन घटनास्थल पर भेजे गए।
मौके पर पहुंची टीम ने आग बुझाने के साथ राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शिफ्ट बदलने के दौरान फटा रिएक्टर
पुलिस के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त कंपनी में कर्मचारियों की शिफ्ट बदलने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान रिएक्टर में जोरदार विस्फोट हुआ और इसके बाद यूनिट में आग लग गई।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रिएक्टर में धमाका किस वजह से हुआ। पुलिस और संबंधित जांच टीमें घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।
हादसे की वजह की जांच जारी
दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है और घटनास्थल को सुरक्षित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
फार्मा और केमिकल इंडस्ट्री में रिएक्टर विस्फोट जैसी घटनाएं कर्मचारियों की सुरक्षा और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सवाल यह है—फार्मा और केमिकल कंपनियों में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या सुरक्षा मानकों की नियमित और सख्त जांच जरूरी है? इस हादसे को लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट में अपनी बात जरूर बताएं।



