इंदौर। सारेगामा द्वारा इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में 22 और 23 अगस्त को ख्यात गीतकार मनोज मुंतशिर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह वही सारेगामा है, जिसने दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम में निगम की भारी रकम हड़पने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि सारेगामा धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर निगम से छूट चाहता है, जबकि इसके टिकट बुक माय शो पर महंगे दामों पर बिक रहे हैं।
निगम में कर लिया सेटलमेंट
👉 यह भी पढ़ें:
सूत्र बताते हैं कि सारेगामा निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम का सेटलमेंट कर लिया है। बताया जाता है कि सारेगामा ने निगम में पिछला बकाया 65 लाख रुपए जमा करा दिए हैं। इस रकम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पिछली बार 17 करोड़ के बिके थे टिकट
बताया जा रहा है कि दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम के लिए सारेगामा ने 17 करोड़ रुपए के टिकट बेचे थे। सारेगामा की वेबसाइट और ब्रोशर पर भी इंदौर के कार्यक्रम का उल्लेख है, जिसमें 24 हजार 622 टिकट बिकने की बात कही गई है।
सैटलमेंट पर उठ रहे सवाल
बताया जाता है कि नगर निगम के एक अपर आयुक्त ने सारेगामा से पिछले बकाया को लेकर सैटलमेंट किया है। इसमें किस हिसाब से टेक्स की गणना की गई है, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। 17 करोड़ की कमाई में निगम को सिर्फ 65 लाख का टैक्स ही मिला है।
महंगे दामों पर बिक रहे टिकट
मनोज मुंतशिर के कार्यक्रम के टिकट बुक माय शो पर महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं। इधर, सारेगामा कह रहा है कि यह धार्मिक कार्यक्रम है, इसलिए उसे छूट मिलनी चाहिए। यहां सवाल यह है कि यह धार्मिक कार्यक्रम आम जनता के लिए तो है नहीं, ऐसे में उसे छूट क्यों मिलनी चाहिए?
मुंतशिर के कार्यक्रम के कारण जमा हो गए पैसा
अगर मनोज मुंतशिर का कार्यक्रम नहीं होता तो सारेगामा पुराने पैसे जमा ही नहीं कराता। यहां सवाल यह भी है कि जो कंपनी पहले ही निगम को चूना लगाने की कोशिश कर चुकी है, उसके प्रति सहानुभूति क्यों? वह भी ऐसे कार्यक्रम के लिए जिसके लिए कंपनी मोटी कमाई करने जा रही है।



