आरक्षण के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, यूजीसी का भी हुआ विरोध

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नई दिल्ली। जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के विरोध और इसमें व्यापक सुधार की मांग को लेकर शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के आह्वान पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने, आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने और जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकारी नौकरियों और शिक्षा में अवसर उपलब्ध कराने के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्राथमिकता मिले। उनका तर्क था कि आरक्षण का आधार केवल जाति न होकर आर्थिक और सामाजिक जरूरतों से भी जुड़ा होना चाहिए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था में क्रीमी लेयर के प्रावधान को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग भी की।

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.यूजीसी और एससी-एसटी कानून पर भी सवाल

प्रदर्शन के दौरान केवल आरक्षण व्यवस्था ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के कुछ नए नियमों को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने SC/ST कानून के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए इसमें बदलाव या समीक्षा की मांग की। हालांकि, इन मांगों और कानूनों को लेकर प्रदर्शनकारियों के दावों को उनके पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

पुलिस ने नहीं दी थी अनुमति

प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर किसी विरोध प्रदर्शन, जुलूस या सभा की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने संबंधी दावों को भ्रामक बताया था और बिना पुष्टि वाली सूचनाएं साझा नहीं करने की अपील की थी। इसके बावजूद शुक्रवार को प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच गए। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। बाद की रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर पर मौजूद रहने और पुलिस द्वारा उन्हें निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन करने के लिए समझाने की जानकारी सामने आई।

रामलीला मैदान जाने की अपील

दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति दिए जाने की बात सामने आई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली कर निर्धारित स्थान पर जाने की अपील की। इस दौरान इलाके में बैरिकेडिंग और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ अभियान

आरक्षण हटाओ आंदोलन की शुरुआत सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान से जुड़ी बताई जा रही है। अभियान के जरिए लोगों से आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर एकजुट होने की अपील की गई थी। इसके बाद शुक्रवार को दिल्ली में प्रत्यक्ष प्रदर्शन का आह्वान किया गया। प्रदर्शन ने एक बार फिर देश में आरक्षण के स्वरूप, उसके उद्देश्य और लाभ के वास्तविक हकदारों को लेकर बहस को सामने ला दिया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार आरक्षण नीति की व्यापक समीक्षा करे और ऐसी व्यवस्था तैयार करे जिसमें सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी पर्याप्त अवसर मिल सकें।

Ardhendu Bhushan - Consulting Editor
Ardhendu Bhushan - Consulting Editorhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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