अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख की तेहरान यात्रा ईरान से जुड़े युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ प्रगति भी हुई है।
रुबियो ने उम्मीद जताई कि यह पहल युद्ध खत्म कराने के लिए जारी बातचीत को नई गति दे सकती है।
👉 यह भी पढ़ें:
- ईरान पर अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा ‘आर्थिक हमला’! स्कॉट बेसेंट के बयान से बढ़ा तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट को ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताने वाला ट्रंप का नक्शा, ईरान से फिर बढ़ा तनाव
- अरागची का फ्रांस पर तीखा हमला: ‘मानवाधिकार’ के मुद्दे पर क्यों बढ़ा विवाद?
- ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: ‘होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा पूरा नियंत्रण’, बढ़ सकता है तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा ऐलान: अमेरिका की 6 शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा समुद्री रास्ता, दुनिया की बढ़ी चिंता
- Iran-US War: ईरान पर अमेरिका का बड़ा एयरस्ट्राइक, ट्रंप की धमकी के बाद मचा हड़कंप; मिस्र के पोर्ट पर अमेरिकी LNG जहाज में ड्रोन से आग
इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में समर्थन नहीं देने पर नेटो देशों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति उनसे लड़ाकू विमान भेजने की मांग नहीं कर रहे, लेकिन कई देश किसी भी तरह का सहयोग देने से इनकार कर रहे हैं।
रुबियो ने नाराजगी जताते हुए कहा, “हम इस रवैये से बेहद असंतुष्ट हैं।”
वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ मौजूदा बातचीत केवल युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित है और इसमें यूरेनियम भंडार या परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हो रही।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि वार्ता का मुख्य उद्देश्य लेबनान समेत सभी मोर्चों पर संघर्ष को समाप्त करना है। उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों को महज अटकलें बताया, जिनमें यूरेनियम संवर्धन और परमाणु सामग्री पर चर्चा का दावा किया जा रहा है।
दरअसल, गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ईरान के यूरेनियम भंडार को लेकर बड़ा बयान दिया था। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण हासिल करेगा और उसे ईरान के हाथ नहीं लगने देगा।



