👉 यह भी पढ़ें:
- अंकिता भंडारी केस फिर चर्चा में: राहुल गांधी ने उठाए ‘VIP’ पर सवाल, परिवार को अब भी न्याय का इंतजार
- RG Kar case : गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष पर थाने के बाहर हमला
- प्रशासन ने 85 वर्षीय पुष्पलता मंगल की इच्छा का रखा ध्यान, कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने समाप्त किया प्रकरण
- Arvind Kejriwal :अमेरिकी बिल पर अरविंद केजरीवाल का पीएम पर निशाना, कहा-ट्रंप जो कहते हैं, मोदी मान लेते हैं
- MP Crime: हाईवे हादसा नहीं निकला खौफनाक हत्याकांड! 5 मौतों की गुत्थी में 8 गिरफ्तार
- Kashmir Terror Funding Case: विदेशी टेरर फंडिंग नेटवर्क का बड़ा खुलासा! दुबई से UK और PoK तक जुड़े तार, 3 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
0:00 left
ट्रंप को राहत गोपनीय दस्तावेज़ वाला केस अदालत ने किया ख़ारिज
फ्लोरिडा की एक अदालत ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ गोपनीय दस्तावेज़ों को अवैध रूप से रखने के मामले को ख़ारिज कर दिया है.जज एलीन कैनन ने फ़ैसला सुनाया कि अभियोजन के विशेष वकील जैक स्मिथ को उनकी भूमिका के लिए अवैध तरीक़े से नियुक्त किया गया था और उनके पास मामला लाने का अधिकार नहीं था.
दिलचस्प बात ये है कि कैनन की नियुक्ति ट्रंप ने ही की थी. जज ने कहा कि स्मिथ की नियुक्ति ने संविधान का भी उल्लंघन किया है. इस मामले में जज ने कुल 93 पेज लंबा फ़ैसला सुनाया है.
ट्रंप ने कहा कि इस मामले का ख़ारिज होना पहला कदम होना चाहिए था. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनके ख़िलाफ़ सभी चार आपराधिक मामलों को ख़त्म किया जाना चाहिए.
अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि न्याय विभाग ने “इन सभी राजनीतिक हमलों का निपटारा किया है जो मेरे राजनीतिक विरोधियों की मेरे ख़िलाफ़ एक चुनावी साज़िश थी.ट्रंप पर अमेरिकी राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद व्हाइट हाउस से अपने निजी निवास पर गोपनीय दस्तावेजों को ग़लत तरीक़े से ले जाने का आरोप था.



