प्रदेश में एक लाख नौकरियां देगी सरकार, नाबालिग रेप पीड़िताओं के लिए हर जिले में 10 लाख का फंड, मोहन कैबिनेट का फैसला

Date:

भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकार एक लाख लोगों को रोजगार देने जा रही है। इसकी प्रक्रिया इसी वर्ष दिसंबर से शुरू कर दी जाएगी। नाबालिग रेप पीड़िताओं के गर्भवती होने की स्थिति में सहायता देने के लिए हर जिले के कलेक्टर को 10 लाख रुपए का फंड दिया जाएगा। यह फैसला मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक में दीपावली को देखते हुए यह भी फैसला हुआ कि सरकारी कर्मचारियों को इस माह 28 तारीख को वेतन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश की कैबिनेट बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। बैठक में हुए फैसलों की जानकारी उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि विभागों में मैनपॉवर की कमी है, जिसके कारण काम प्रभावित हो रहा है। इसके लिए 7,900 से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य विभाग में सामुदायिक केंद्रों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। 12,600 मिनी आंगनवाड़ियों में सहायिका का पद तथा 476 पर्यवेक्षक के पद भी मंजूर हुए हैं। रोजगार सृजन के लिए 11 विभाग काम कर रहे हैं। अगले चार साल के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शुक्ला ने बताया कि प्रदेश की प्रशासनिक इकाई में बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए गठित आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। नवंबर से इसमें तेजी आएगी। तहसील, विकास खंड, जिला स्तर पर सुझाव लिए जाएंगे, फीड बैक के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट देगा। इसके बाद सरकार इस पर विचार कर लागू करेगी।

दशहरे की तरह गोवर्धन पूजा भी

दशहरे पर प्रदेश के सभी प्रभारी मंत्रियों ने अपने प्रभार वाले जिलों में शस्त्र पूजन किया था। इसी तर्ज पर गोवर्धन पूजा भी की जाएगी। सीएम यादव ने सभी मंत्रियों को गोवर्धन पूजा में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान मंत्री गौशाला जाएंगे और गोपूजन करेंगे। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के लिए अखाड़ों और साधु-संतों के लिए प्लॉटिंग की जाएगी। हर अखाड़े को पांच बीघा जमीन दी जाएगी, इसका उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों के लिए हो सकेगा।

सरकार के फैसले पर बोले पटवारी-कैसे रुकेंगे रेप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रेप पीड़िताओं के संबंध में सरकार के फैसले पर कहा कि यह कैसी सरकार है? बलात्कार रुकेंगे कैसे, सरकार इसकी बात नहीं कर रही है। मोहन सरकार और भाजपा बेटियों की रक्षा कैसे हो, इसकी बात नहीं करती।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि  ये महिला आरक्षण बिल है ही नहीं, ये भारत का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि ये बिल जब साल 2023 में इसी सदन में पास हो गया था, तो फिर अब तक क्यों लटका हुआ था। राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सत्ता हथियाना चाहती है। जातिगत जनगणना को दरकिनार कर ओबीसी समुदाय से बचने और उनके मुद्दों से दूरी बनाने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ओबीसी वर्ग के अधिकार छीने जा रहे हैं। सत्ता पक्ष देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से घबराया हुआ है। हार के डर से चुनावी व्यवस्था को फिर से ढालने की कोशिश की जा रही है। पीएम और मेरी पत्नी नहीं है राहुल गांधी ने कहा कि देश में महिलाएं सेंट्रल फोर्स होती हैं। हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि कल जब वह स्पीच दे रही थी, पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया। अमित शाह के चेहरे पर स्माइल आ गई। राहुल गांधी ने कहा कि हम सबने अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। माँ, बहन, पत्नी से… पीएम और मेरी पत्नी नहीं है! मेरी बहन ने कल अपने भाषण के दौरान अमित शाह को भी हंसा दिया.. ये मुझे सीखना है। सब जानते हैं कि भारतीय समाज में ओबीसी, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय और महिलाओं के साथ कैसा भेदभाव किया गया? ये बिल जाति जनगणना को किनारे करने के लिए है। ओबीसी और दलित को कोई जगह नहीं देता राहुल गांधी ने कहा कि अपनी घटती ताकत के कारण आप देश के नक्शे को बदलना चाहते हैं। आपने असम, जम्मू कश्मीर में किया और अब देश में करने के लिए आपको संविधान संशोधन चाहिए। ये देश विरोधी है। हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे। उद्योग-धंधे, निजी क्षेत्र, न्यायपालिका में दलित कहां हैं? आप ओबीसी और दलित को हिंदू कहते हैं, लेकिन उन्हें देश में कोई जगह नहीं देते। अपनी दादी इंदिरा गांधी का किया जिक्र राहुल गांधी ने कहा कि मुझे याद है, जब मैं छोटा था, मुझे अंधेरे से बहुत डर लगता था। हमारे यहां एक बड़ा कुत्ता था, जो मुझ पर और बहन(प्रियंका) पर अटैक किया करता था। हम रात में गार्डेन की ओर जाने से इस वजह से डरा करते थे। एक बार दादी को इसके बारे में पता चला। राहुल ने कहा कि जब एक बार मेरे पैरेंट्स डिनर पर गए हुए थे तो मेरी दादी उस गार्डन में ले गईं और मुझे वहां बंद कर दिया। मैं डर रहा था और पैर कांप रहे थे। उन्होंने मुझसे पूछा तुम किससे डर रहे हो? मैंने कहा कि दादी मैं सांप, कुत्तों से और बहुत चीजों से डर रहा हूं। उन्होंने मुझसे आकर कहा कि तुम इन सब चीजों से नहीं बल्कि अपने दिमाग से डर रहे हो। तुम जो सोच रहे हो उस कल्पना से डर रहे हो। तुम्हें अंधेरे से नहीं डरना चाहिए क्योंकि जो सच्चाई होती है प्राय: अंधकार में होती है। दादी ने कहा कि आपको लड़ना पड़ता है उस अंधकार से, ये वाकई में राजनीतिक लेसन था, जिसका एहसास मुझे आज हो रहा है।