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बारामती। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान बारामती में शरद पवार ने मंगलवार को इमोशनल कार्ड खेलने की कोशिश की। यहां से सुप्रिया सुले सांसद हैं और शरद पवार के भतीजे अजित पवार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। पवार ने यहां कि जनता से कहा कि राज्यसभा में उनका कार्यकाल डेढ़ साल बचा है। इसके बाद वे कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि 14 बार चुनाव लड़ चुका हूं, कहीं न कहीं तो रुकना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले ही पवार ने पहले कहा था, नो टायर्ड, नॉट रिटायर्ड। यह तब की बात है जब अजित पवार ने कहा था कि 80 साल बुजुर्ग नेता को रिटायर हो जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि वे चाहे कितने साल के भी हो जाएं नहीं रुकेंगे। अब अचानक पवार के संन्यास वाली बात से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। बारामती से शरद पवार के भतीजे अजित छठवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भी परिवार के युगेंद्र पवार से है। दरअसल शरद पवार किसी भी हाल में बारामती का अपना किला बचाना चाहते हैं। यह चुनाव चाचा-भतीजे की ताकत का फैसला करेगा। इसीलिए शरद पवार ने यह इमोशनल कार्ड खेला है।
पहली बार बारामती से ही जीते थे पवार
शरद पवार ने पहली बार बारामती सीट से ही चुनाव जीता था। तब यह सीट पवार परिवार के पास ही है। 2023 में भतीजे अजीत पवार के बगावत के बाद उन्होंने तीसरी बार नई पार्टी एनसीपी शरद पवार का गठन किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे 8 सीटें जीतने में सफल रहे। इसी चुनाव में उनकी बेटी सुप्रिया सुले को भी बारामती से जीत मिली। शरद पवार ने कहा कि अब भविष्य के लिए तैयारी करने का समय आ गया है। हमें ऐसे नेतृत्व को तैयार करने की जरूरत है जो अगले 30 साल तक काम करे। अब देखना यह है कि बारामती की जनता किसका साथ निभाती है।



