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पहलगाम हमले पर भारत-अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत, जयशंकर और रुबियो ने की चर्चा
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो के बीच इस मुद्दे पर अहम बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते भारत-पाकिस्तान तनाव और आतंकवाद पर गहराई से चर्चा की।

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर साझा की जानकारी
एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के साथ पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चर्चा की। उन्होंने लिखा, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके अपराधियों, समर्थकों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”
अमेरिका ने जताया दुख, सहयोग की पेशकश
बातचीत के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमले में मारे गए 26 नागरिकों के प्रति संवेदना प्रकट की। इन मृतकों में अधिकांश पर्यटक थे। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग की अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान तनाव को कम करें और दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखें।
भारत ने पाक के साथ किसी भी सहयोग से किया इनकार
हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के सहयोग के पक्ष में नहीं है। भारत का रुख साफ है कि आतंकवाद के संरक्षक के रूप में कुख्यात पाकिस्तान के साथ कोई चर्चा तब तक संभव नहीं, जब तक वह आतंकियों को पनाह देना बंद नहीं करता। भारत की प्राथमिकता आतंकवाद का समूल नाश और पहलगाम हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
रुबियो ने पाक पीएम से भी की बात
विदेश मंत्री रुबियो ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी अलग से बात की। हालांकि, अमेरिका की यह कोशिश कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो, जो भारत की रणनीति को फिलहाल प्रभावित करती नहीं दिख रही है।



