नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में आतंकवादी घुसने वाले थे। इसका खुलासा पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने किया है।
एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा ने मीडिया को बताया कि पूर्वी बर्धमान से गिरफ्तार संदिग्ध हमीम मंडल लगातार पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा था। मामले में उसकी कथित सहयोगी और गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Kangana Ranaut : Gen-Z पर विवादित बयान देने के बाद कंगना रनौत ने दी सफाई, कहा- भौंडापन केवल अपने कमरे में कर सकते हैं
- Jantar Mantar Protest : सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को तुरंत रिहा करने के दिए आदेश, कहा- किसी प्रदर्शनकारी स्टूडेंट पर कार्रवाई नहीं
- CJP ने दी सरकार को चेतावनी, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी तो फिर से धरने पर बैठ जाएंगे
- Supreme Court ने कहा-शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, सिर्फ आंदोलन होने से लाठीचार्ज करना जायज नहीं
- CJP ने अपना आंदोलन लिया वापस, सरकार के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद किया ऐलान
- Doctors Safety in India: डोंबिवली में डॉक्टर्स पर हमले के बाद IMA ने जारी किया 100 हिंसक घटनाओं का डिजिटल ग्रिड, WHO के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
झारखंड से गिरफ्तार हुई अर्पिता सरकार
एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तकनीकी निगरानी (सर्विलांस) के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया और कार्रवाई की। इसके बाद उसे पश्चिम बंगाल ले जाया गया, जहां उससे आगे पूछताछ की जाएगी। गौरव शर्मा ने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि हमीम का दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित प्रदर्शन से क्या संबंध था।
बर्धमान से पकड़ा गया था हमीम मंडल
एसटीएफ ने बताया कि इस मामले का मुख्य आरोपी हमीम मंडल पहले ही पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का आरोप है कि हमीम प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध मॉड्यूल के संपर्क में था। जांच में उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से मिले दस्तावेजों के आधार पर दावा किया गया है कि वह लगातार अपने हैंडलर्स के संपर्क में था।
पूछताछ में कई जानकारियां मिलीं
एसटीएफ आईजी ने बताया कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि हमीम अपने हैंडलर्स से व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में रहता था। एसटीएफ का दावा है कि वह एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल करता था और युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी।
जंतर-मंतर पर तोड़फोड़ की थी प्लानिंग
एसटीएफ के अनुसार हमीम ने दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी। जांच के मुताबिक, साजिश के तहत पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदर्शन में घुसपैठ करने और उसके बाद हिंसक वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी।
पुलिस वर्दी में जंतर-मंतर जाते आतंकी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में हमीम मंडल ने बताया कि करीब 10 से 12 दिन पहले पाकिस्तान के नागरिक हम्माद, जिसे शाहजाद भट्टी गिरोह का सहयोगी बताया गया है, ने उसे पुलिस की वर्दियां खरीदने का निर्देश दिया था। आरोपी के मुताबिक, इन वर्दियों को दिल्ली के एक तय बस स्टॉप पर पहुंचाना था, ताकि जंतर-मंतर में होने वाले सीजेपी प्रदर्शन के दौरान उनका इस्तेमाल किया जा सके। सूत्रों का दावा है कि इन वर्दियों का इस्तेमाल आत्मघाती हमलावरों द्वारा किया जाना था। हालांकि, भुगतान से जुड़ी गोपनीयता संबंधी दिक्कतों के कारण यह योजना पूरी नहीं हो सकी। हमीम ने पहले दिल्ली में ऐसे लोगों की तलाश भी की थी, जो जंतर-मंतर में प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल बम फेंक सकें।
सीएम शुभेंदु अधिकारी भी थे निशाने पर
आईजी शर्मा ने कहा कि आतंकियों के निशाने पर पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी बी थे। हमीम को उन जगहों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा गया था जहाँ मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के हो सकते थे। मंडल से पूछताछ के दौरान, STF को पश्चिम बंगाल में JeM आतंकी संगठन के कई हैंडलर्स से उसके कनेक्शन का पता चला। अदालत ने उसे 14 दिन की एसटीएफ कस्टडी में भेज दिया है।



