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भाजपा कार्यशाला में पीएम मोदी के निर्देश: सांसद नया सोचें और जनता से करें सीधा संवाद
नई दिल्ली में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की कार्यशाला के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा सांसदों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। पहले दिन के सत्र में उन्होंने सांसदों को स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए।
सरकारी योजनाओं पर जोर
पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और उनका लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने सांसदों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिकारियों से उचित व्यवहार बनाए रखने की सलाह दी।
स्वच्छता अभियान और अनुशासन
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और सिंगापुर का उदाहरण देकर सांसदों को प्रेरित किया। उन्होंने सांसदों से संसदीय समितियों की बैठकों में सक्रिय रहने और उन बैठकों से पहले व बाद में संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों से चर्चा करने की सलाह दी, ताकि विषयों की गहराई से समझ विकसित हो सके।
सोशल मीडिया पर साझा किए विचार
संसद कार्यशाला में आखिरी पंक्ति में बैठकर प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बाद में एक्स (X) पर लिखा:
- “दिल्ली में संसद कार्यशाला में भाग लिया। पूरे भारत से सांसद सहयोगियों और वरिष्ठ नेताओं ने विविध मुद्दों पर बहुमूल्य विचार साझा किए।”
- एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा: “हमारी पार्टी में संसद कार्यशाला जैसे मंच बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये सीखने और इस पर विचार करने के बेहतरीन अवसर हैं कि हम जनता की और बेहतर सेवा कैसे कर सकते हैं।”
सांसदों से अपेक्षाएं
पीएम मोदी ने सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्रों की विधानसभा सीटों पर हर महीने टिफिन मीटिंग आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि जनता से सीधा संवाद हो सके और उनकी समस्याओं को समझा जा सके। इसके अलावा उन्होंने सांसदों से सांसद खेल महोत्सव में अधिक से अधिक भाग लेने की भी अपील की।



