प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को भारत की वैश्विक कूटनीतिक सफलता के बीच एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा (Bintang Adipurna)’ से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सम्मान दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक संबंधों और गहरी मित्रता का प्रतीक माना जा रहा है।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत बनाने में मोदी के योगदान की सराहना की।
👉 यह भी पढ़ें:
- PM मोदी का बड़ा सवाल: क्या अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ‘फोर्थ-पार्टी ऑडिट’ की जरूरत?
- 80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का संदेश: शहीदों को नमन, विकसित भारत का संकल्प
- राहुल गांधी की विदेश नीति वाली टिप्पणी पर घमासान: राजनाथ सिंह के बयान से गरमाई सियासत
- राहुल गांधी की ‘हग डिप्लोमेसी’ वाली नकल पर सियासी घमासान, मेलोनी के जिक्र से बढ़ा विवाद
- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: PM मोदी ने याद किया बंटवारे का दर्द, बोले—“मुश्किलों को सफलता में बदला”
- International Youth Day 2026: PM Modi ने युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत, संस्कृत श्लोक से दिया खास संदेश
‘बिंतांग आदिपूर्णा’ इंडोनेशिया का सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है, जिसे चुनिंदा विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और विश्व नेताओं को उनके असाधारण योगदान और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रदान किया जाता है।
यह सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित करते हुए कहा, “आज सुबह मुझे बड़े स्नेह और सम्मान के साथ इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया। मैं इसे भारत के करोड़ों नागरिकों को समर्पित करता हूं। यह सम्मान हमारे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मजबूत संबंधों का प्रतीक है। आने वाले समय में भारत और इंडोनेशिया की साझेदारी वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक साख, इंडो-पैसिफिक रणनीति, और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ की सफलता का बड़ा संकेत है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, BrahMos Missile, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), समुद्री सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ा है।



