उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। जांच एजेंसी के अनुसार, ये दोनों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत के खिलाफ गंभीर षड्यंत्र रच रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान के रूप में हुई है। दोनों की उम्र लगभग 20 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। तलाशी के दौरान इनके पास से पिस्टल, कारतूस, चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
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जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और उसके जरिए अन्य हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। इनमें आबिद जट समेत कई नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन संदिग्धों को भारत में संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और प्रभावशाली लोगों के घरों पर ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था।
एटीएस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने स्लीपर सेल बनाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया था। उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए पहले 50 हजार रुपये अग्रिम और बाद में ढाई लाख रुपये देने का लालच दिया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम के जरिए विदेशी संपर्कों से जुड़े हुए थे। बंद किए गए खातों के बाद उन्होंने नए अकाउंट बनाकर बातचीत जारी रखी। संपर्क के लिए वॉइस और वीडियो कॉल का इस्तेमाल किया जाता था। उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भी प्रलोभन दिया गया था, जबकि कुछ कट्टरपंथी यूट्यूब चैनलों के जरिए भी उन्हें प्रभावित किया गया।
सूत्रों के अनुसार, ये दोनों मेरठ में रहकर बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे और लोगों को जोड़ने के लिए विशेष कोड का उपयोग कर रहे थे।
जांच एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि ये आरोपी आईएसआई के एजेंट्स—मेजर हमीद, इकबाल और अनवर—के संपर्क में थे। अब एटीएस इन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित साजिशों का पर्दाफाश हो सके।
इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और देश की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए लगातार सक्रिय हैं।



