ईरान ने पाकिस्तान को एक अहम शांति प्रस्ताव सौंपा है, जिसका उद्देश्य अमेरिका के साथ चल रहे तनाव और युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना है। यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की ओर से आए प्रस्ताव पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने लगभग दो सप्ताह तक गहन विचार-विमर्श किया, जिसके बाद अपना जवाब भेजा गया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त समयसीमा दी है।
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ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है।
इससे पहले 6 अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने पुष्टि की थी कि अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान मध्यस्थों के जरिए हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान ने अमेरिका की “15 बिंदुओं वाली योजना” को अस्वीकार कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने दस पैराग्राफ के जवाब में युद्धविराम के विचार को “पिछले अनुभवों” के आधार पर खारिज करते हुए, अपने शर्तों पर स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया है।
ईरान के प्रस्ताव में कई अहम मांगें शामिल हैं, जिनमें क्षेत्रीय संघर्षों का अंत, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना, युद्ध के बाद पुनर्निर्माण और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना प्रमुख हैं।
इस पहल को क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।



