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नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मिस इंडिया प्रतियोगिता में आरक्षण वाला बयान देकर बुरी तरह फंस गए हैं। राहुल गांधी ने कहा था कि ‘मिस इंडिया‘ कॉम्पटिशन में दलित, आदिवासी या ओबीसी की महिलाओं को जगह नहीं मिलती। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ने राहुल गांधी के इस बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गांधी देश में जातिगत जनगणना को लेकर फिर से बयान देकर देश में फूट डालना चाहते हैं। उन्होंने इसे बाल बुद्धि तक करार दे डाला।
किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी देश को बांट नहीं सकते। उन्होंने एक्स पर लिखा, अब वह (राहुल गांधी) मिस इंडिया प्रतियोगिताओं, फिल्मों, खेलों में आरक्षण चाहते हैं! यह केवल ‘बाल बुद्धि‘ का मुद्दा नहीं है, बल्कि उसकी जय–जयकार करने वाले लोग भी उतने ही जिम्मेदार हैं! बाल बुद्धि मनोरंजन के लिए अच्छी हो सकती है पर अपनी विभाजनकारी चालों में, हमारे पिछड़े समुदायों का मजाक न उड़ाएं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकारें मिस इंडिया के लिए उम्मीदवारों का चयन नहीं करती हैं, न ही ओलंपिक के लिए एथलीटों का या फिल्मों के लिए अभिनेताओं का।
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि उनके बयान विभाजनकारी और झूठे हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि यह बाल बुद्धि की राजनीति है।
यूपी के सम्मेलन में बोले थे राहुल
यूपी में एक संविधान सम्मान सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि मैंने मिस इंडिया की लिस्ट चेक की है, जिसमें कोई भी दलित, आदिवासी या ओबीसी महिला नहीं थी। कुछ लोग क्रिकेट या बॉलीवुड की बात करेंगे। कोई भी मोची या प्लंबर को नहीं दिखाएगा। मीडिया में भी टॉप एंकर 90 प्रतिशत लोगों में से नहीं हैं…हम जानना चाहते हैं कि संस्थानों, कॉर्पोरेट्स, बॉलीवुड, मिस इंडिया में 90 प्रतिशत लोगों में से कितने हैं। मैं केवल इतना कह रहा हूं कि 90 प्रतिशत लोगों की ‘भागीदारी‘ नहीं थी और इसकी जांच होनी चाहिए।



