नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के “चैलेंज करता हूं” वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में बहस और विरोध की अपनी मर्यादा होती है और सभी नेताओं को संसदीय परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी किस बात की चुनौती दे रहे हैं? उन्होंने अमित शाह का उदाहरण देते हुए दावा किया कि शाह ने अपने राजनीतिक कार्यकाल में कई बड़े फैसलों को लागू करके दिखाया है। उन्होंने अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 35A और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का जिक्र करते हुए अमित शाह के कामकाज को राहुल गांधी के सामने रखा।
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‘दूसरों की बात भी सुनिए’
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर “हिट एंड रन की राजनीति” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को किसी मुद्दे पर सरकार को घेरना है तो उसे संसदीय व्यवस्था के तहत बहस करनी चाहिए और दूसरे पक्ष की बात भी सुननी चाहिए।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी राहुल गांधी का समर्थन करने में लगे हुए हैं।
NEET और पेलेट गन के मुद्दे पर भी हमला
गिरिराज सिंह ने NEET विवाद को लेकर भी राहुल गांधी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि NEET पर चर्चा से जुड़े मुद्दों के साथ अन्य राज्यों के विषयों—जिनमें पंजाब, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और झारखंड शामिल हैं—पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा को लेकर पीछे हट रहा है।
उन्होंने राहुल गांधी पर “अर्बन नक्सल” जैसी भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया।
बड़ा सवाल
क्या संसद में विपक्ष को सरकार को चुनौती देने के साथ-साथ संसदीय मर्यादा और दोनों पक्षों की बात सुनने का संतुलन बनाए रखना चाहिए?
आप गिरिराज सिंह के बयान और राहुल गांधी की राजनीति को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और चर्चा में शामिल हों।



