कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने बैरकपुर में एक रैली को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह इस चुनाव में उनकी आखिरी रैली है। मैं इस विश्वास के साथ जा रहा हूं कि 4 मई के नतीजों के बाद मैं भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में जरूर शामिल होऊंगा।
आजादी की लड़ाई में बैरकपुर का योगदान
पीएम मोदी ने कहा कि 1857 में इसी बैरकपुर की धरती ने आजादी की पहली लड़ाई को ताकत दी थी। यही धरती आज बंगाल में परिवर्तन की राह को और प्रशस्त कर रही है। पीएम मोदी ने रैली में कहा कि बंगाल में हर ओर एक ही नारा सुनाई दे रहा है पलटनो दरकार, चाई भाजपा सरकार यानी जनता बदलाव चाहती है और भाजपा की सरकार बनाने का मन बना चुकी है।
👉 यह भी पढ़ें:
- इंदौर की सिसासत में अब ‘पंच’ की एंट्री, सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में दिखे नए राजनीतिक समीकरण
- भाजपा की संकल्प सभा में सफाईकर्मियों का हंगामा, नेताओं को करना पड़ा विरोध का सामना
- अमित शाह कर गए टीम मोहन यादव की तारीफ, कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की बात के लगने लगे सियासी मायने
- मिशन 2028 : कोई भागवत करा रहा, कोई पोते की खुशी में लड्डू बांट रहा, तो कोई निकाल रहा चुनरी यात्रा
- कैलाशजी, मंत्रिमंडल की बैठक में आप खुद ही नहीं जाते, फिर सीएम क्या आपके घर आकर बात करें या फिर हर दिन फोन लगाएं?
- मंत्री विजयवर्गीय का एक ही फंडा- न खाता न बही, जो मैं कहूं वही सही…
बंगाल से व्यक्तिगत और आध्यात्मिक संबंध
पीएम मोदी ने भाषण में बंगाल के साथ अपने व्यक्तिगत और आध्यात्मिक संबंध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल उनके जीवन की आध्यात्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और यहां की संस्कृति व महान व्यक्तित्वों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें लोगों से बड़ी संख्या में संदेश, चिट्ठियां और कलात्मक प्रस्तुतियां मिलीं, जिन्हें वे गंभीरता से पढ़ते और समझते हैं। उन्होंने बताया कि वे रात में समय निकालकर इन संदेशों और तस्वीरों को देखते हैं और लोगों की भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं।
न दिन देखता हूं, न रात
पीएम मोदी ने अपने दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले तीन-चार दशकों से वे देश के हर कोने में यात्रा कर रहे हैं। भाजपा के एक कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुए उनके सफर में पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारियां दीं, उन्होंने उन्हें पूरी निष्ठा से निभाया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में दिन-रात और मौसम की परवाह किए बिना काम किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब से उन्होंने अपना घर छोड़ा है, तब से उन्हें जनता के बीच ही सुकून और शांति मिली है।



