देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली है और अगले एक सप्ताह तक इसका असर बना रहने की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा में 2 मई को ओलावृष्टि की आशंका है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 3 मई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 2 से 6 मई के बीच मौसम सक्रिय रहेगा। यहां बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के चंबा में ग्लेशियर टूटने की घटना सामने आई है, हालांकि किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
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उधर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजस्थान में 2 से 6 मई के बीच आंधी और बारिश का दौर रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान में लू चलने की चेतावनी भी दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय सहित कई राज्यों में अगले 4 से 6 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान के साथ बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 4 मई को तेज तूफान आ सकता है, जहां हवाओं की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में लू और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 4 मई तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, मई महीने में देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू चल सकती है, खासकर गुजरात और महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में। वहीं कई इलाकों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का भी अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के 14 से 16 मई के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पहुंचने की संभावना जताई गई है, जो आगे चलकर पूरे देश के मौसम को प्रभावित करेगा।



