नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुसीबत बढ़ती दिखाई दे रही है। पंजाब में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई है। इसके कारण उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकती नजर आ रही है।
भाजपा नेता मान ने कहा-बदले की भावना
सूत्र बताते हैं कि एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। इसी बीच की संभावनाओं को देखते हुए संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है। इस मामले में भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब की मान सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है, पंजाब डरने वाला नहीं है।
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सात सांसदों के साथ हुए थे भाजपा में शामिल
उल्लेखनीय है कि संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। पाठक के आवा राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने भाजपा में उन्हें आधिकारिक तौर पर शामिल मान लिया।
केजरीवाल के बहुत करीबी थे पाठक
उल्लेखनीय है कि संदीप पाठक केजरीवाल के बहुत करीबी थे। जब केजरीवाल जेल में थे तो उनसे मिलने की अनुमति तीन लोगों को थी, जिनमें एक संदीप पाठक थे। उन्होंने पंजाब चुनाव में अपनी रणनीति से पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा की सीट दी।



