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भोपाल। मऊगंज में किसान की कॉलर पकड़कर गाली-गलौज करने वाले तहसीलदार बीके पटेल को रीवा कमिश्नर बीएस जामोद ने सस्पेंड कर दिया है। सीएम डॉ.मोहन यादव ने कमिश्नर को दिए थे निर्देश। रीवा कमिश्नर ने कलेक्टर मऊगंज को निर्देश दिया है कि तहसीलदार पटेल के खिलाफ लगे आरोपों की विस्तृत जांच रिपोर्ट 7 दिनों में मांगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 25 सितंबर को उप तहसील देवतालाब के गनिगमा गांव की है। कलेक्टर संजय कुमार के अनुसार तहसीलदार बीके पटेल ने जवाब दिया है कि वहां लोगों ने लोहे की सब्बल निकालकर धमकाया। मारपीट की नीयत से दौड़े। ऐसी स्थिति में पटेल ने बचाव के लिए किसानों के खिलाफ कार्रवाई की ताकि कानून–व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सके। कलेक्टर ने बताया कि मामले की जांच अतिरिक्त जिलाधिकारी यानी एडीएम को सौंपी गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तहसीलदार बीके पटेल ने कहा था कि वीडियो भ्रामक है। इसे गलत तरीके से एडिट कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा था कि प्रकरण सिविल न्यायालय का था और प्रशासन को न्यायालय के आदेश का पालन करना अनिवार्य था।
बताया जाता है कि गनिगमा गांव में दो प्रजापति परिवारों के बीच जमीन का विवाद था। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन जीतने वाले पक्षकार को कब्जा दिलाने पहुंचा था। इसी दौरान तहसीलदार वीरेंद्र पटेल ने गांव के किसान सुषमेश पांडे की कॉलर पकड़कर झूमाझटकी की। कहा– कौन है तू? बकवास मत करना। एक और किसान कौशलेश प्रजापति ने भी तहसीलदार पर गाली देने का आरोप लगाया था।



