भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त करने का फैसला सुनाया। भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने शपथ पत्र में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी छिपाई है।
भाजपा की ओर से एडवोकेट संकेत गुप्ता ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष शिकायत पेश करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार उम्मीदवार को अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है। भाजपा ने इसे तथ्यों को छिपाने का मामला बताते हुए नामांकन रद्द करने की मांग की थी।
👉 यह भी पढ़ें:
- Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर एमपी हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, तीनों भाजपा सांसदों को नोटिस
- मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, कोर्ट ने कहा-नामांकन खारिज होने के बाद सुनवाई हुई तो नई परंपरा होगी
- मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, नाम वापसी की आखिरी तारीख आज
- Rajya Sabha Election 2026: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस! क्या बदल जाएगा मध्य प्रदेश का पूरा सियासी गणित?
- Rajya Sabha Election Controversy: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, क्या लोकतंत्र पर मंडरा रहा है नया राजनीतिक संकट?
- मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी रद्द होने पर भोपाल से दिल्ली तक बवाल, कांग्रेस ने दिया चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना
सुनवाई के दौरान हुआ हंगामा
मामले की सुनवाई के दौरान विधानसभा परिसर में जमकर राजनीतिक हलचल और हंगामा हुआ। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के वरिष्ठ नेता रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष के बाहर मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की आपत्ति को निराधार बताते हुए कहा था कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, बल्कि केवल कोर्ट का नोटिस मिला है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद शाम को नामांकन निरस्त किए जाने का निर्णय सुनाया गया।
भाजपा की आपत्ति को निरधार बताया
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर फैसला आने से पहले विधानसभा परिसर में जमकर राजनीतिक हलचल देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की आपत्ति को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार केवल दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी देना अनिवार्य होता है, जबकि मीनाक्षी नटराजन को सिर्फ कोर्ट से नोटिस मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक उद्देश्य से अनावश्यक आपत्ति लगाई है। सिंघार ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने रिटर्निंग अफसर के समक्ष जवाब प्रस्तुत कर दिया है और अंतिम फैसला रिटर्निंग अफसर को लेना है। इसी बीच विधानसभा परिसर में माहौल गरमा गया। दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और कांग्रेस के लीगल प्रभारी जेपी धनोपिया सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रिटर्निंग अफसर अरविंद शर्मा के कक्ष में मौजूद रहे। कुछ देर बाद मीनाक्षी नटराजन भी वहां पहुंच गईं।



