👉 यह भी पढ़ें:
- भारत पर कमजोर मानसून का बड़ा संकट! 2009 के बाद सबसे कम बारिश का खतरा, फसलों और महंगाई पर असर संभव
- UPI के 10 साल पूरे: ₹314 लाख करोड़ के लेनदेन तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम
- सेमीफाइनल का सपना टूटा! ऑस्ट्रेलिया से 0-0 ड्रॉ के बाद महिला हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुआ भारत
- मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, निशिकांत दुबे का पलटवार
- स्वतंत्रता दिवस पर हॉकी टीम ने दिया जीत का तोहफा, वेल्स को 3-1 से हराया
- स्वतंत्रता दिवस विशेष : आजादी के लिए आवश्यक हैं जन आंदोलन
0:00 left
एआई का लाभ सबको मिले’: भारत को लेकर गुटेरेस की बड़ी सराहना, 2026 शिखर सम्मेलन की मेजबानी पर मुहर
गुटेरेस ने भारत को एक बेहद सफल उभरती अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा है कि वैश्विक मामलों में उसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आगामी एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत को सबसे उपयुक्त स्थान करार दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले गुटेरेस ने ज़ोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ पूरी दुनिया को मिलना चाहिए। यह केवल विकसित देशों या दो महाशक्तियों तक सीमित विशेषाधिकार नहीं बनना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई देता हूं। यह अत्यंत आवश्यक है कि एआई का विकास हर किसी के लाभ के लिए हो और वैश्विक दक्षिण के देश भी इसके फायदों में बराबर के भागीदार बनें।”
16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम वैश्विक दक्षिण में होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा। यह सम्मेलन ‘लोग, ग्रह और प्रगति’ के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित रहेगा।
भारत की यात्रा पर आने वाले गुटेरेस ने स्पष्ट किया कि एआई केवल सबसे विकसित देशों का विशेषाधिकार बनना “पूरी तरह अस्वीकार्य” होगा। उन्होंने संकेत दिया कि तकनीकी प्रतिस्पर्धा दो महाशक्तियों—अमेरिका और चीन—तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
गुटेरेस ने दोहराया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानवता के व्यापक हित में एक सार्वभौमिक उपकरण बनाया जाना बेहद जरूरी है।



