मध्य प्रदेश में विपक्षी नेता उमंग सिंघार का हमला प्रदेश सरकार के खिलाफ और तीखा हो गया है। वे 30 अगस्त को इंदौर दौरे पर पहुंचे थे। दरअसल उन्होंने महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरसी सेतिया के सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में विभिन्न जनहित के मुद्दों पर कड़े बयान दिए।
छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर उमंग सिंघार का हमला
सिंघार ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्र आज के दौर में हनुमान की तरह शक्तिशाली हैं। इसके अलावा जब हनुमान लंका में आग लगाते हैं, तो लंका का जलना तय होता है।
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दरअसल उन्होंने शिक्षक भर्ती और अतिथि शिक्षकों के लंबित मामलों पर सरकार को घेरा। उन्होंने वर्ग-1 और वर्ग-2 की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

भागीरथपुरा दूषित जल कांड की जांच रिपोर्ट पर सवाल
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से कई नागरिकों की मौत हुई थी। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष ने स्थानीय प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि सरकार इस दुखद घटना की जांच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करे।
गौरतलब है कि केवल निचले स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई करके मामले को दबाया जा रहा है। इसलिए वास्तविक दोषियों और लापरवाह जनप्रतिनिधियों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना शासन का प्राथमिक दायित्व है।
भू-माफिया और अवैध निर्माण को लेकर उमंग सिंघार का हमला
सिंघार ने इंदौर और उज्जैन संभाग में सक्रिय भू-माफियाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के चलते बेशकीमती सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं।
इसके तहत उन्होंने रेवती रेंज स्थित आशा हॉल निर्माण का प्रमुखता से उल्लेख किया। उन्होंने सरकारी भूमियों पर हुए कब्जों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख बिंदुओं पर सरकार को घेरा:
- शिक्षक भर्ती वर्ग-1 और वर्ग-2 के खाली पदों को तुरंत भरा जाए।
- ओबीसी वर्ग के आरक्षण को लेकर प्रशासनिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो।
- भागीरथपुरा जल त्रासदी की निष्पक्ष जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- सरकारी जमीनों से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए।
कैलाश विजयवर्गीय पर तंज और महंगाई का विरोध
नेता प्रतिपक्ष ने खाद्य पदार्थों और शक्कर की लगातार बढ़ती कीमतों पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर सीधा तंज कसा।
दरअसल उन्होंने कहा कि यदि मंत्री जी खुद शक्कर नहीं खाते, तो जनता को सस्ती शक्कर कब मिलेगी। महंगाई के कारण आम परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। बहरहाल सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
राहुल गांधी के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा
सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मसलों पर लगातार मुखर रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश भर में युवाओं और छात्रों के हक की बात कर रहे हैं।
हालांकि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है। नतीजतन युवाओं में बेरोजगारी और जनता में महंगाई को लेकर गहरा आक्रोश बढ़ रहा है। विपक्ष आने वाले समय में इन सभी मुद्दों को लेकर व्यापक संघर्ष जारी रखेगा।



