भारतीय रेलवे ने देश भर के रेल यात्रियों के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस के 7 नए रूटों को हरी झंडी दे दी है। रेलवे बोर्ड ने 10 अगस्त 2026 को आधिकारिक पत्र जारी करके इस बड़े फैसले पर मुहर लगाई। इसके तहत उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों को आधुनिक रेल कनेक्टिविटी का सीधा फायदा मिलेगा।
अमृत भारत एक्सप्रेस के 7 नए रूटों को मिली आधिकारिक मंजूरी
गौरतलब है कि इस नई योजना में देश के कई व्यस्त रेल मार्गों को आपस में जोड़ा गया है। इसके तहत गोरखपुर-दिल्ली और गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस रूट पर सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
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इसके अलावा धनबाद-कोयंबटूर, चर्लापल्ली-गोरखपुर, प्रयागराज-एलटीटी, प्रयागराज-उधना और सूबेदारगंज-एलटीटी रूट को भी शामिल किया गया है। दरअसल, इन नई सेवाओं से उत्तर भारत से दक्षिण भारत और मुंबई की यात्रा पहले से अधिक सुगम हो जाएगी।

गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस का नया शेड्यूल और समय
इस बीच रेलवे ने गोरखपुर-दिल्ली मार्ग पर पहले से चल रही स्पेशल ट्रेन को नियमित कर दिया है। अब यह ट्रेन गाड़ी संख्या 15095/15096 के रूप में नियमित रूप से पटरी पर दौड़ेगी। इसका नियमित परिचालन 27 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है।
गाड़ी संख्या 15095 प्रत्येक बृहस्पतिवार रात 10:45 बजे गोरखपुर से रवाना होती है। इसके बाद यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 12:50 बजे पुरानी दिल्ली स्टेशन पहुंचती है। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 15096 प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे दिल्ली जंक्शन से चलकर गोरखपुर लौटती है।
130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार और इन स्टेशनों पर ठहराव
दरअसल, यह ट्रेन लगभग 725 से 780 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करेगी। इस दौरान ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए इस रूट पर कई अहम ठहराव तय किए गए हैं:
- खलीलाबाद, बस्ती और गोंडा जंक्शन
- बुढ़वल, सीतापुर और बरेली
- मुरादाबाद और गाजियाबाद स्टेशन

22 कोच वाली नॉन-एसी पुश-पुल तकनीक की खासियत
इसके अलावा इस आधुनिक पुश-पुल ट्रेन में कुल 22 कोच जोड़े गए हैं। इनमें आम यात्रियों के लिए 11 जनरल और 8 स्लीपर कोच शामिल किए गए हैं।
वहीं इस पूरी ट्रेन का प्राथमिक रखरखाव पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर डिपो द्वारा किया जाएगा। दोनों छोर पर आधुनिक इंजन होने की वजह से यह ट्रेन कम समय में तेज रफ्तार पकड़ती है।
बिहार और झारखंड के यात्रियों को भी मिलेगा बड़ा लाभ
गौरतलब है कि धनबाद-कोयंबटूर रूट से बिहार और झारखंड के कई प्रमुख जिलों को नया विकल्प मिलेगा। यह ट्रेन गोमो, पारसनाथ, कोडरमा, गया और सासाराम स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
इसके बाद यह ट्रेन प्रयागराज, जबलपुर और नागपुर होते हुए दक्षिण भारत तक जाएगी। नतीजतन, लंबी दूरी का सफर करने वाले आम यात्रियों, कामगारों और छात्रों को अब किफायती व सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।



