ग्रेटर नोएडा पुलिस मुठभेड़ में छह साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का मुख्य आरोपी शनिवार को मारा गया। दरअसल, पुलिस टीम आरोपी को हथियार और साक्ष्य बरामदगी के लिए टिड्डी पार्क के पास ले गई थी। इस बीच आरोपी ने छिपाई गई पिस्तौल से पुलिस पर अचानक गोली चला दी।
ग्रेटर नोएडा पुलिस मुठभेड़ में आरोपी बलराज की मौत
पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी बलराज उर्फ बल्ला गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे तुरंत उपचार के लिए नोएडा जिला अस्पताल ले गए।
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हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद आरोपी को मृत घोषित कर दिया। गौरतलब है कि मुठभेड़ में मारा गया आरोपी बलराज तिलपता का निवासी था।

हल्दौनी गांव से लापता हुई थी मासूम बच्ची
यह दर्दनाक वारदात शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा में सामने आई थी। दरअसल, ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के हल्दौनी गांव से छह वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई थी।
परिजनों की सूचना पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। इसके अलावा बच्ची को जल्द ढूंढने के लिए पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज और ग्रेटर नोएडा पुलिस मुठभेड़
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में आरोपी बच्ची को ले जाते और बाद में बोरे में शव ले जाते हुए साफ दिखा। इसलिए पुलिस ने घेराबंदी करके 24 घंटे के भीतर आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस मामले के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- आरोपी बलराज ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा किया था।
- वारदात के दौरान दुष्कर्म के बाद मासूम बच्ची की हत्या कर दी गई।
- आरोपी ने शव को बोरी में बंद कर ठिकाने लगाने की कोशिश की।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे में पकड़ लिया।

टिड्डी पार्क के पास हुई मुठभेड़ की पूरी कहानी
शनिवार, 29 अगस्त 2026 को पुलिस टीम आरोपी को साक्ष्य बरामद करने के लिए टिड्डी पार्क ले गई थी। वहीं, आरोपी ने मौका पाकर छिपाई गई पिस्तौल से पुलिसकर्मियों पर जानलेवा फायरिंग कर दी।
नतीजतन, पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में गोली लगने से आरोपी मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गया था।
फॉरेंसिक जांच और डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह के अनुसार, बच्ची के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों के विशेष पैनल द्वारा कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखना है।
इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले में नियमानुसार सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर रही है।



