एम्स्टेलवीन: भारतीय महिला हॉकी टीम का FIH Women’s Hockey World Cup 2026 में सेमीफाइनल तक पहुंचने का सपना टूट गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एम्स्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेला गया बेहद अहम मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। भारत को अंतिम-4 में जगह बनाने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी थी, लेकिन टीम गोल करने में नाकाम रही।
गोल के लिए तरसी टीम इंडिया
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा। दोनों टीमों ने मौके बनाए, लेकिन कोई भी गोल नहीं कर सकी। भारतीय डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन किया और गोलकीपर्स ने कई अहम बचाव किए, लेकिन आक्रमण में टीम अपेक्षित असर नहीं छोड़ सकी।
यह भारत का लगातार तीसरा मुकाबला था, जिसमें टीम गोल नहीं कर सकी। इससे पहले भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 0-0 ड्रॉ खेला था और नीदरलैंड्स से 0-2 की हार झेली थी। भारत का आखिरी गोल 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 की शानदार जीत में आया था।
नीदरलैंड्स ने दी थी भारत को उम्मीद
भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें नीदरलैंड्स और चीन के मुकाबले पर भी टिकी थीं। नीदरलैंड्स ने चीन को 4-1 से हराकर भारत के लिए समीकरण आसान कर दिए। इसके बाद भारत को सिर्फ ऑस्ट्रेलिया को हराना था और टीम अंतिम-4 में पहुंच सकती थी।
लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के साथ भारत की उम्मीदें खत्म हो गईं। दोनों टीमों के बीच अंक का समीकरण बराबरी पर रहा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट में अधिक गोल किए थे। इसी आधार पर ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में जगह बना ली।
अब 5वें स्थान के लिए खेलेगा भारत
सेमीफाइनल से बाहर होने के बावजूद भारतीय टीम का टूर्नामेंट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब टीम पांचवें स्थान के लिए मुकाबला खेलेगी।
भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि लगातार तीन मैचों में गोल नहीं कर पाने की समस्या को टीम कैसे दूर करेगी?
आपके हिसाब से भारतीय महिला हॉकी टीम की हार की सबसे बड़ी वजह क्या रही—गोल स्कोरिंग की कमी, रणनीति या दबाव? क्या टीम अगले मुकाबले में वापसी कर सकती है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



