गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो की दिल्ली से गोरखपुर आने वाली फ्लाइट के साथ लैंडिंग के दौरान टेल स्ट्राइक की घटना सामने आई। विमान के पिछले हिस्से के रनवे से संपर्क में आने के बाद विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया। घटना के चलते यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा और उनकी आगे की यात्रा के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था करनी पड़ी।
लैंडिंग के दौरान हुआ टेल इम्पैक्ट
यह घटना 19 अगस्त को इंडिगो की फ्लाइट 6E 2381 के गोरखपुर पहुंचने के दौरान हुई। इंडिगो के मुताबिक, लैंडिंग अप्रोच के समय चालक दल ने सुरक्षा कारणों से गो-अराउंड करने का फैसला किया। यानी विमान ने तत्काल लैंड करने के बजाय दोबारा ऊंचाई हासिल की और फिर लैंडिंग की। विमान सुरक्षित रूप से गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतर गया और सभी यात्री तथा चालक दल विमान से सामान्य रूप से बाहर निकल गए। घटना के दौरान किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।
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जांच में पिछले हिस्से पर मिले निशान
विमान के उतरने के बाद नियमित पोस्ट-फ्लाइट निरीक्षण के दौरान उसके पिछले हिस्से में स्थित Auxiliary Power Unit (APU) inlet के आसपास खरोंच के निशान पाए गए। इसके बाद विमान को एहतियात के तौर पर ग्राउंड कर दिया गया। एयरलाइन ने बताया कि विमान पर आवश्यक तकनीकी जांच और मरम्मत का काम किया जा रहा है। जरूरी तकनीकी और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद ही उसे दोबारा व्यावसायिक उड़ान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
यात्रियों को साढ़े पांच घंटे करना पड़ा इंतजार
विमान के उड़ान भरने के लिए उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री करीब 5.5 घंटे तक फंसे रहे, जिसके बाद उनकी यात्रा पूरी कराने के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था करनी पड़ी। विमान की तकनीकी स्थिति स्पष्ट होने और वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने में लगे समय के कारण यह देरी और बढ़ गई।
क्या है टेल स्ट्राइक
टेल स्ट्राइक विमानन क्षेत्र में उस स्थिति को कहा जाता है जब टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान विमान का पिछला निचला हिस्सा रनवे से छू जाता है। ऐसी स्थिति में विमान सामान्य रूप से उतर भी जाए, फिर भी एयरलाइन के लिए विस्तृत तकनीकी जांच जरूरी होती है। विमान के ढांचे, फ्यूजलेज और संबंधित हिस्सों की जांच के बाद ही यह तय किया जाता है कि विमान दोबारा उड़ान के लिए सुरक्षित है या नहीं।
डीजीसीए को दी गई जानकारी
घटना की जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दी गई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विमान के पिछले हिस्से के रनवे से संपर्क में आने की वास्तविक वजह क्या थी और विमान को कितना नुकसान हुआ। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विमान को सेवा से बाहर रखा गया है और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही उसे दोबारा उड़ान की अनुमति मिलेगी।
सामने आया इंडिगो का बयान
इंडिगो ने भी कहा है कि यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से तकनीकी निरीक्षण पूरा होने तक विमान को उड़ान से दूर रखा गया है।



