मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने के लिए छोड़े गए कई ईरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है।
सेंटकॉम ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि अमेरिकी सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी ड्रोन को नष्ट कर दिया, जिससे समुद्री मार्ग पर यातायात सामान्य बना हुआ है।
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यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अप्रैल में हुए सीजफायर के बावजूद अमेरिका और ईरान लगातार एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इस बीच, बुधवार को फारस की खाड़ी से गुजर रहे एक कॉमर्शियल जहाज पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई भी विवादों में है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताई है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक संघर्ष का केंद्र बनने जा रहा है? क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारत के हितों पर बड़ा असर डाल सकता है?
आपकी क्या राय है? क्या इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की कार्रवाई सही थी या हालात और बिगड़ सकते हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें।



