ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कहा है कि उनका देश बातचीत और समझौते का हमेशा स्वागत करता है, लेकिन लगातार दी जा रही धमकियां इस प्रक्रिया में बड़ी रुकावट बन रही हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका दूसरी दौर की वार्ता की इच्छा जता रहा है। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ईरान पहले भी संवाद के पक्ष में था और आगे भी रहेगा, लेकिन वादाखिलाफी, प्रतिबंध और धमकियां किसी भी बातचीत को कमजोर कर देती हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- ईरान पर अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा ‘आर्थिक हमला’! स्कॉट बेसेंट के बयान से बढ़ा तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट को ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताने वाला ट्रंप का नक्शा, ईरान से फिर बढ़ा तनाव
- अरागची का फ्रांस पर तीखा हमला: ‘मानवाधिकार’ के मुद्दे पर क्यों बढ़ा विवाद?
- ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: ‘होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा पूरा नियंत्रण’, बढ़ सकता है तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा ऐलान: अमेरिका की 6 शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा समुद्री रास्ता, दुनिया की बढ़ी चिंता
- Iran-US War: ईरान पर अमेरिका का बड़ा एयरस्ट्राइक, ट्रंप की धमकी के बाद मचा हड़कंप; मिस्र के पोर्ट पर अमेरिकी LNG जहाज में ड्रोन से आग
उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी दुनिया उसके बयानों और असल कामों के बीच के अंतर को देख रही है।
इस बीच, इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता रद्द हो गई, क्योंकि ईरान ने इसमें कोई खास रुचि नहीं दिखाई। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को और उजागर करता है।



