फ्रांस के खूबसूरत बंदरगाह शहर नीस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई हाई-लेवल बैठक में कई बड़े और रणनीतिक फैसले लिए गए। इस मुलाकात के बाद भारत और फ्रांस ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना कर 16 अरब डॉलर से 30 अरब डॉलर के पार पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
बैठक में केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि रक्षा, परमाणु ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष, सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों से निपटने जैसे कई अहम मुद्दों पर भी व्यापक सहमति बनी। इससे भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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बैठक से पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और टेक्नोलॉजी नेटवर्क से जोड़ना है। नीस प्रधानमंत्री मोदी के एक सप्ताह लंबे यूरोप दौरे का पहला पड़ाव है, जिसके बाद वह स्लोवाकिया और फिर जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आगे बढ़ेंगे।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक और परिणामोन्मुख रही। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, शिक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की है।
राफेल डील पर बड़ी प्रगति
बैठक में भारत की बहुप्रतीक्षित 114 राफेल लड़ाकू विमान परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि इस सौदे पर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है।
योजना के अनुसार 18 राफेल विमान सीधे फ्रांस से खरीदे जाएंगे, जबकि शेष 96 विमानों का निर्माण भारत में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के साथ किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल खरीददार नहीं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में सह-विकास, सह-डिजाइन और सह-निर्माण का भागीदार बनना चाहता है।

न्यूक्लियर एनर्जी में नए अवसर
दोनों देशों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। महाराष्ट्र की जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना को लेकर फ्रांस की ईडीएफ ग्रुप और न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के बीच बातचीत जारी है।
इसके अलावा छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टर (AMR) जैसी आधुनिक परमाणु तकनीकों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को नई गति मिल सकती है।
AI, UPI और हाई-स्पीड रेल पर भी समझौते
बैठक में दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक नियमन के लिए संयुक्त कार्य समूह बनाने का फैसला किया। साथ ही फ्रांस में भारत की यूपीआई भुगतान प्रणाली के विस्तार, हाई-स्पीड रेलवे सहयोग, एरोनॉटिक्स स्किलिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और नवाचार से जुड़े 19 संस्थागत समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
अंतरिक्ष और वैश्विक सुरक्षा पर भी फोकस
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने मानव अंतरिक्ष उड़ान, अंतरिक्ष निगरानी और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा की। इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस द्वारा भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा लागू करने पर मैक्रों का आभार व्यक्त किया और छात्रों, शोधकर्ताओं तथा प्रतिभाओं की आवाजाही को और बढ़ाने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और फ्रांस के बीच हुई ये नई पहलें आने वाले वर्षों में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकती हैं।
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