लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। सपा चीफ अखिलेश यादव ने सरकार और जांच एजेंसी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कहीं जांच रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। इसके साथ ही उन्होंने सबूतों को ठिकाने लगाने की आशंका भी जाहिर की है।
अखिलेश यादव ने सोशल ने एक्स पर लिखा-SIT ध्यान रखे। कहीं जांच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। फिर कहेंगे 15 दिन और इंतजार कर लो। दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं।
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आभूषणों के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी
सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक जांच में भगवान राम को चढ़ाए गए सोने, चांदी के आभूषणों, हीरे और अन्य कीमती पत्थरों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई है। ट्रस्ट के पदाधिकारी सोने, चांदी और अन्य आभूषणों तथा कीमती पत्थरों से संबंधित रिकॉर्ड पर एसआईटी को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। योगी सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के आग्रह पर अयोध्या राम मंदिर में मिले दान के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
पदाधिकारियों को अयोध्या न छोड़ने के निर्देश
एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और मंदिर से जुड़े लोगों को अयोध्या न छोड़ने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी मंदिर ट्रस्ट की ओर से अलग-अलग चरणों में जमीन की खरीद और मंदिर के लिए निर्माण सामग्री की खरीद भी शामिल रही। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने बाजार भाव से लगभग 500 से 800 प्रतिशत अधिक कीमत पर करीब 71 एकड़ जमीन खरीदी है। कथित तौर पर मंदिर ट्रस्ट ने बाजार भाव से ज्यादा कीमत पर जमीन खरीदी थी।
जांच में कई गड़बड़ियां आई हैं सामने
सूत्रों ने बताया जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। कुंभ मेले के दौरान भी काफी गड़बड़ी हुई है, जब करीब दो महीने की अवधि में रोजाना लगभग 10 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे और दान पेटियां दो घंटे के भीतर ही नोटों से भर जाती थीं। इसके अलावा मंदिर परिसर का सीसीटीवी फुटेज केवल 45 दिनों तक ही स्टोर रहता है, जिसके बाद रिकॉर्डिंग अपने आप डिलीट हो जाती है। इसके कारण एसाईटी को पुराने वीडियो नहीं मिल रहे हैं।



