गंदा पानी पिलाकर जान लेने वालों, थोड़ी शर्म हो तो अगली बार कोई अवॉर्ड लेने मत जाना, अगर ज्यादा शर्म हो तो मां अहिल्या को सौंप दो इस्तीफा

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

👉 यह भी पढ़ें:

0:00

0:00 left

इंदौर। स्वच्छता में देश में आठ बार नंबर वन आने वाले इंदौर शहर में गंदे पानी पीने से आठ लोगों की मौत हो गई है। इसकी शिकायत लगातार हुई, नगर निगम में फाइल भी चली लेकिन सब सोते रहे। जब लोगों के बीमार होने और मरने का सिलसिला शुरू हुआ तब जिम्मेदारों की नींद खुली। लोगों की जान लेने वालों की आखिर हिम्मत कैसे पड़ती है कि वे सूट-बूट चढ़ाकर स्वच्छता का पुरस्कार लेने दिल्ली चले जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि इंदौर की विधानसभा एक के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग इनके आंकड़े छुपाता रहा और कल तक तीन मौतों की ही पुष्टि हो रही थी। भागीरथपुरा के लोग बता रहे हैं कि गंदे पानी से बीमार होने का सिलसिला एक सप्ताह से चल रहा है। लोग बीमार होकर अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन अफसरों ने मामला दबाए रखा। बस्ती में सप्ताहभर में आठ मौतें हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने तीन मौतों की पुष्टि डायरिया से की है।

तीन को निलंबित कर की गई खानापूर्ति

जब इन मौतों पर खूब हल्ला मचा और यह नेशनल मीडिया की खबर बन गया तो खानापूर्ति की कार्रवाई शुरू हुई। मंगलवार रात को जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री योगेश जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि पीएचई के प्रभारी उपयंत्री शुभम श्रीवास्तव की तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त की गई। मामले की जांच के लिए सीएम ने कमेटी का गठन किया है। आईएएस नवजीवन पंवार के निर्देशन में कमेटी जांच करेगी। कमेटी में अधीक्षण यंत्री प्रदीप निगम मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेश राय को भी शामिल किया गया है।

क्या इसके लिए सिर्फ अधिकारी दोषी हैं

यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस घटना के लिए सिर्फ अधिकारी दोषी हैं। जनता ने महापौर चुन कर भेजा है, क्षेत्रीय पार्षद हैं, शुद्ध और पर्याप्त पानी पिलाने की जिम्मेदारी लेने वाले जलकार्य समति प्रभारी हैं। इन सबके ऊपर मध्यप्रदेश की सारी नगर निगमों, नगर पालिकाओं के मालिक नगरीय प्रशासन मंत्री हैं। क्या इस घटना में इनका कोई दोष नहीं है?

कोई भोज दे रहा तो कोई ले रहा झूले का आनंद

इस घटना के बाद कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा का फोटो भी। यह फोटो बबलू शर्मा द्वारा दी गई पार्टी का है, जो इस घटना के बाद की बताई जा रही है। इसें बबलू शर्मा के साथ महापौर तथा अन्य नेता नजर आ रहे हैं। एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इस क्षेत्र के पार्षद कमल वाघेला झूले का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

सबकुछ जानते हुए भी क्यों उलझी रही फाइल

इंदौर के जोन चार के वार्ड 11 के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा में कई बार पाइप बदलने की मांग उठी है। फिर यह फाइलों में भी आ गई। फाइलों में कहा गया कि नई बस्ती, मराठी मोहल्ला, चिराड़ मोहल्ला, पार्षद वाली गली, राम मंदिर बड़ा कुआ, बौरासी वाली गली, रफेली, यादव कॉलोनी, भट्टा बस्ती एवं शेष भागीरथपुरा में नर्मदा की जर्जर लाइन बदलने के लिए टेंडर भी बुलाए गए। फिर भी मामला फाइलों से बाहर नहीं निकला। जब मौतें होने लगीं और हंगामा मचने लगा तो कल यानी 30 दिसंबर को टेंडर को मंजूरी के लिए टेंडर कमेटी में भेजा गया।

मंत्रीजी को अपनी झांकीबाजी से ही फुर्सत नहीं

इस घटनाक्रम को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा के नेता ही कह रहे हैं कि मंत्रीजी अपनी झांकबाजी और दूसरों का उपहास उड़ाने से ही फुर्सत नहीं है। विडंबना यह कि जहां यह घटना हुई, वह उनकी विधानसभा का हिस्सा है और इससे भी बड़ी दु:खद स्थिति की वे इसी विभाग के मंत्री हैं। जनता का सवाल है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में मंत्रीजी को दोषी ठहराते हुए उनका इस्तीफा नहीं लिया जाना चाहिए?

किस मुंह से दिल्ली जाते हैं अवॉर्ड लेने

जब इंदौर स्वच्छता में नंबर वन आता है तो मंत्रीजी, महापौर तथा अन्य नेता अवॉर्ड लेने दिल्ली चले जाते हैं। आठवीं बार जब अवॉर्ड मिला तो मंत्रीजी ने जमकर झांकी जमाई, जैसे खुद ही झाड़ू लेकर शहर की सफाई की हो। मंत्रीजी की झांकी के अगले दिन महापौर ने भी अपना अखाड़ा निकाला। देवी अहिल्या की प्रतिमा पर अवॉर्ड लेकर पहुंचे। गंदे पानी से जान लेने वाले जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा भी सूट-बूट में फोटो खिंचवाते रहे। जनता का कहना है कि अगर थोड़ी भी शर्म बची हो तो अगली बार से कोई अवॉर्ड लेने मत जाना। और अगर थोड़ी ज्यादा शर्म बची हो तो मां अहिल्या की चरणों में अपनी गलती मानते हुए इस्तीफा सौंप दो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

Bihar के बांकीपुर उप चुनाव में जेजेडी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द,  तेज प्रताप यादव ने षड्यंत्र बताया

बांकीपुर से जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो गया है। इस पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप ने कहा कि उनके कैंडिडेट के साथ सरकार के द्वारा षड्यंत्र किया जा रहा है। इससे पहले वीणा को कल उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वे नामांकन दाखिल कर बाहर निकली थीं।