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इंदौर। भागीरथपुरा में गंदे पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार देर रात एक और मरीज की मौत हो गई। बताया जाता है कि 70 साल के अलगूराम यादव को 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस संबंधी तकलीफ भी थी। गुरुवार रात उनकी मौत हो गई।
अगलूराम यादव के बेटे संजय का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उल्टी–दस्त के चलते अस्पताल में एडमिट किया था, जहां उनकी जान चली गई। अभी हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।
परिजनों का कहना है कि उन्हें कोई दूसरी बीमारी नहीं थे। उल्टी–दस्त की शिकायत के बाद उन्हें बस्ती के क्लिनिक में दिखाया गया था। वहां से उन्हें अरविंदो अस्पताल में रैफर किया गया था। अभी भी बस्ती के कई मरीज गंभीर रूप से बीमार है और वे अस्पताल में भर्ती है। अब तक भागीरथपुरा के चार सौ से ज्यादा मरीज अस्पताल में इलाज करा कर ठीक हो चुके है, जबकि 33 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें छह माह का मासूम आव्यान भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी। अनिता कुशवाह (65) एक माह से अधिक समय से अस्पताल में एडमिट थीं। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। रुवार रात उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और तड़के उनकी मौत हो गई। अलगू 9 जनवरी से अरबिंदो अस्पताल में भर्ती थे।
दिसंबर से शुरू हुआ है मौतों का सिलसिला
भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी दस्त का प्रकोप दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। हालांकि राज्य सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में कुल 23 मृतकों के ‘डेथ ऑडिट‘ की रिपोर्ट पेश की गई है। इसमें से सिर्फ 16 लोगों की मौत का संबंध दूषित पेयजल माना गया है। इसके बाद हाई कोर्ट ने न्यायिक जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने इसके लिए उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई में एक सदस्यीय जांच आयोग गठन किया है, जो चार हफ्ते में अंतरिम रिपोर्ट पेश करेगी।



