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नई दिल्ली। अभी आपके होम लोन की ईएमआई में कोई परिवर्तन नहीं होने वाला, क्योकि आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। दो दिनों से चल रही मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग के बाद आरबीआई ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी ने इकोनॉमिक आंकड़ों को देखते हुए रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया है। स्पष्ट है कि रेपो रेट से लिंक्ड आपके होम लोन, कार लोन या अन्य लोन की ईएमआई नहीं बढ़ेगी। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की है कि एमपीसी ने नीतिगत रुख को ‘तटस्थ‘ बनाए रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और घरेलू मुद्रास्फीति व विकास का परिदृश्य सकारात्मक है। गवर्नर ने यह भी साफ किया कि भविष्य में मौद्रिक नीति संशोधित शृंखला पर आधारित नए मुद्रास्फीति आंकड़ों से निर्देशित होगी। अर्थव्यवस्था में मांग व खपत पर गवर्नर क्या बोले?
अर्थव्यवस्था के चालकों पर प्रकाश डालते हुए गवर्नर ने कहा कि कॉरपोरेट प्रदर्शन में सुधार और अनौपचारिक क्षेत्र में निरंतर गति से विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। मांग के मोर्चे पर, ग्रामीण मांग स्थिर बनी हुई है, जबकि शहरी खपत में और वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि हाल ही में संपन्न भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत–अमेरिका व्यापार सौदा निर्यात की गति को मजबूत समर्थन प्रदान करेंगे।
आरबीआई गवर्नर ने भविष्य के आर्थिक परिदृश्य पर भरोसा जताते हुए अगले वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए विकास दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया है, जिसके क्रमशः 6.9% और 7% रहने की उम्मीद है। महंगाई के मोर्चे पर, चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 2.1% रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसके 4% और दूसरी तिमाही में 4.2% रहने की संभावना जताई गई है।



