इंदौर। इन दिनों इंदौर की राजनीति में समझौतों का नया दौर शुरू हो गया है। कभी कोई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्या बता दे, तो बजाए समस्या दूर करने के उसे चुप कराने का काम शुरू हो जाता है। अब ताजा मामला विधानसभा पांच के विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र हार्डिया का है। उन्होंने अपने क्षेत्र में जलसंकट का मामला उठाया, तो नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा समस्या दूर करने की बजाए महापौर से विधायक का समझौता कराने में जुट गए।
विधायक ने जमकर जाहिर की थी नाराजगी
उल्लेखनीय है कि विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया ने अपने क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर जमकर नाराजगी जाहिर की थी। हार्डिया इतने नाराज थे कि वे महापौर के एक कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ कर चले गए। हार्डिया की नाराजगी का कारण उनके क्षेत्र में पानी की टंकियां कम बनना है।
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महापौर निवास पर दी थी धरने की चेतावनी
हार्डिया का आरोप था कि शहर में 40 टंकियां बनाई जा रही हैं, लेकिन विधानसभा-5 को सिर्फ एक टंकी दी गई। इसके साथ ही गर्मी में भी उनके क्षेत्र में टंकियों में कम पानी भरा जा रहा है। हार्डिया अपने क्षेत्र में जलसंकट से इतने त्रस्त थे कि उन्होंने समस्या दूर नहीं होने पर महापौर निवास के बाहर धरने की भी चेतावनी दे डाली।
हार्डिया के गुस्से पर भाजपा नेता हैरान
हार्डिया की नाराजगी की खबर फैलते ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी नाराजगी जाहिर की। नेताओं का कहना था कि आखिर इंदौर में हो क्या रहा है, जिससे महेंद्र हार्डिया जैसा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि परेशान है। यह भी कहा गया कि हमेशा शांत रहने वाले और अपने काम से काम रखने वाले हार्डिया आखिर इतने गुस्से में क्यों आ गए।
समझौता कराकर खुश हो रहे सुमित मिश्रा
भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने जब से पदभार संभाला है, तब से वे सिर्फ समझौता कराने पर ही ध्यान दे रहे हैं। नाराजगी किस कारण है उस समस्या को दूर करने की बजाए इस मामले में भी उन्होंने समझौता को महत्व दिया। बुधवार को सुमित मिश्रा, विधायक महेंद्र हार्डिया को लेकर महापौर निवास पहुंचे और समझौता करा दिया। फिर श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया पर महापौर और हार्डिया के गले मिलते फोटो भी पोस्ट कर दिए गए।
हर समस्या का समाधान-गले मिलवा देना
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी यह समझना होगा कि कोई भी जनप्रतिनिधि संगठन से ज्यादा अपनी जनता के लिए जवाबदेह है। आखिर में जनता के पास उसे ही जाना है। अगर महेंद्र हार्डिया जैसा परिपक्व और अनुभवी जनप्रतिनिधि कोई समस्या उठाता है तो उस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इससे पहले भी कई ऐसे मामले हुए हैं, जिसमें सुमित मिश्रा ने गले मिलवाने के अलावा कोई काम नहीं किया है।



