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2025 में अंतरराष्ट्रीय यात्री डेटा साझा करने पर बड़े बदलाव
भारत में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2025 से एयरलाइन संचालकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से संबंधित डेटा राष्ट्रीय सीमा शुल्क लक्ष्यीकरण केंद्र-यात्री (NCTC-Pax) के साथ अनिवार्य रूप से साझा करना होगा। इस नियम का पालन न करने पर एयरलाइंस पर ₹25,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
महत्वपूर्ण प्रावधान
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पंजीकरण की समयसीमा:
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सभी एयरलाइन कंपनियों को 10 जनवरी, 2025 तक NCTC-Pax के साथ पंजीकरण कराना होगा।
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डेटा साझा करने की जानकारी:
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उड़ान के प्रस्थान से 24 घंटे पहले यात्रियों का डेटा साझा करना होगा।
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इसमें शामिल होंगे:
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यात्री का नाम
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बिलिंग और भुगतान जानकारी (जैसे क्रेडिट कार्ड नंबर)
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टिकट जारी करने की तारीख
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यात्रा का उद्देश्य और विवरण
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ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
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बैगेज डिटेल और कोड शेयर की जानकारी
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पायलट प्रोजेक्ट:
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10 फरवरी, 2025 तक पायलट चरण लागू होगा, जिसमें कुछ एयरलाइनों ने भागीदारी पर सहमति जताई है।
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पीएनआरजीओवी प्रणाली का उपयोग:
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यात्री नाम रिकॉर्ड (PNR) प्रणाली के तहत यह डेटा एकत्र किया जाएगा।
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नियमों की पृष्ठभूमि
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यह प्रक्रिया 2022 में पेश किए गए “यात्री नाम रिकॉर्ड सूचना विनियम” के तहत शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य सुरक्षा को मजबूत करना और संभावित खतरों का आकलन करना है।
क्यों है यह बदलाव आवश्यक?
यह कदम सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों और यात्रियों की पहचान बेहतर तरीके से की जा सके।
एयरलाइंस पर प्रभाव
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एयरलाइंस को नई प्रणाली के तहत डेटा साझा करने के लिए अपने आईटी ढांचे में सुधार करना होगा।
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जुर्माने के प्रावधान से अनुपालन सुनिश्चित होगा।



