इंदौर। इंदौर में महिला मोर्चा अध्यक्ष के पद को लेकर चल रहा घमासान अब थम गया है। संगठन ने श्रेष्ठा जोशी को इंदौर का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। अध्यक्ष पद के दो दावेदारों को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिद पर अड़े रहे मंत्री
महिला मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए कई दावेदार मैदान में थे। हर विधायक अपने समर्थकों को पद दिलाने में लगे हुए थे, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जिद कर बैठे रहे। मंत्री की जिद के कारण ही श्रेष्ठा जोशी को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया।
👉 यह भी पढ़ें:
- Gen Z को लुभाने में जुटी भाजपा, युवाओं से सीधे संवाद के लिए बनाई ‘सुपर पांच’ टीम
- वंदे मातरम् पर सियासी संग्राम: कांग्रेस के दो अंतरे वाले फैसले पर भाजपा ने पास किया प्रस्ताव
- राहुल गांधी ने कहा- संघ ने यह तय कर लिया कि वह 1.5 अरब लोगों की सच्चाई जानता है
- अखिलेश यादव का बड़ा दावा: सहयोगियों के बिना BJP ‘शून्य’? 2027 से पहले यूपी की सियासत में तेज हुआ घमासान
- क्या पार्षद जीतू यादव की होगी एमआईसी में वापसी, गेंद अब नगर अध्यक्ष के पाले में, चाहेंगे तभी होगा
- पार्षद जीतू यादव की पार्टी में वापसी तो हो गई, लेकिन एमआईसी की राह बंद, महापौर ने कर दिया खेला, निरंजन गुड्डू को दे दिया प्रभार
गौर और जायसवाल भी थीं दावेदार
महिला मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वृंदा जोशी का नाम भेजा था। लेकिन, मंत्रीजी के कारण वृंदा को कोई पद नहीं मिला। इसी तरह विधायक गोलू शुक्ला चाहते थे कि माधुरी जायसवाल को अध्यक्ष बना दिया जाए, लेकिन उन्हें महामंत्री पद से संतोष करना पड़ा।
श्रेष्ठा को पुराने कार्यकर्ता होने का फायदा
भाजपा के सूत्र बताते हैं कि प्रदेश संगठन ने मंत्रीजी की बात इसलिए सुन ली, क्योंकि श्रेष्ठा जोशी भाजपा की पुरानी कार्यकर्ता हैं। मंत्रीजी भी पुरानी कार्यकर्ता होने का ही राग अलाप रहे थे।



