इंदौर। सयाजी होटल पर गुरुवार से शुरू हुई कार्रवाई शनिवार को भी जारी रही। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर आबकारी विभाग ने होटल का बार लाइसेंस भी निरस्त कर दिया है। इससे प्रशासन ने होटल का फूड लाइसेंस निरस्त कर किचन को सील कर दिया था।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जांच के लिए एक दल का गठन किया गया था। इसमें डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, वेस्टर्न जोन-2 के केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला इंदौर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल थे। दल द्वार मेसर्स सयाजी होटल्स (इंदौर) लिमिटेड एवं मेसर्स सहस्त्र फूड्स एण्ड सर्विसेस प्रायवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर लोक स्वास्थ्य के हित में संबंधित प्रतिष्ठानों की खाद्य अनुज्ञप्तियां निलंबित की गई।
आज बार पर हो गई कार्रवाई
आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बार अनुज्ञप्ति धारण करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठान के पास खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत वैध खाद्य अनुज्ञप्ति होना अनिवार्य है। खाद्य अनुज्ञप्ति के निलंबन के फलस्वरूप संबंधित बार अनुज्ञप्तियों की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होना पाया गया। उक्त तथ्यों के आधार पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 31 (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर श्री शिवम वर्मा द्वारा 22 अगस्त 2026 को आदेश क्रमांक 6199 एवं 6201 जारी किए गए हैं। इन आदेशों के माध्यम से- मेसर्स सयानी होटल्स (इंदौर) लिमिटेड को जारी होटल बार (एफ.एल.-3) लाइसेंस क्रमांक 22/2022/0057, तथा मेसर्स सहस्त्र फूड्स एण्ड सर्विसेस प्रायवेट लिमिटेड को जारी रेस्तरां बार (एफ. एल.-2) लाइसेंस क्रमांक 22/2022/0103 को निलंबित कर दिया गया। यह निलंबन संबंधित खाद्य अनुज्ञप्तियों के निलंबन की अवधि समाप्त होने तक अथवा दिनांक 31 मार्च 2027 तक, इनमें से जो भी पहले हो, की अवधि के लिए जारी रहेगा।
खाद्य विभाग की जांच में मिली थी गड़बड़ी
दिल्ली की खाद्य विभाग की टीम के साथ इंदौर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने होटल के किचन, स्टोरेज एरिया और खाद्य सामग्री की जांच की। जांच के दौरान करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना पैकिंग डेट के मिली। इसके अलावा खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर भी कई खामियां सामने आईं।
वेज और नॉनवेज एक साथ रखे मिले
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि होटल में खाद्य सामग्री का निर्धारित तापमान मेंटेन नहीं किया जा रहा था। वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक ही कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। सी-फूड, चिकन और मटन को भी एक साथ स्टोर किया गया था। उबले हुए आलू पर एक्सपायरी डेट की टैगिंग मिली, जबकि कुछ टेट्रापैक लीक मिले, जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने की आशंका जताई गई। टीम को पैक्ड कुल्फी भी मिली, जिस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दर्ज नहीं था। वहीं, स्टोर में फ्रोजन डेजर्ट रखा मिला, जबकि होटल के मेन्यू में उसे आइसक्रीम के रूप में दर्शाया गया था। कई खाद्य उत्पाद बिना लेबल के भी पाए गए।
किचन और स्टोरेज एरिया में चूहे मिले
स्वच्छता व्यवस्था की जांच के दौरान ड्राई स्टोरेज और नॉनवेज स्टोरेज में जंग लगी सामग्री मिली। फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म पर भी जंग और रस्ट पाया गया। किचन और स्टोरेज एरिया में कॉकरोच और चूहों की लीद मिलने के साथ ही चूहे भी पाए गए। ड्राई स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें मिलीं।
सड़े हुए टमाटर, आलू और मूंगफली में फंगस
जांच के दौरान स्टोर में सड़े हुए टमाटर और आलू तथा मूंगफली में फंगस भी पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई खाद्य सामग्री दीवार से सटाकर और बड़ी मात्रा में सामग्री बिना पैलेट के सीधे जमीन पर रखी गई थी। पैलेट के नीचे गंदगी मिली। ग्रेवी को रूम टेम्परेचर पर स्टोर किया गया था।
बिना लाइसेंस बना रहे थे खाद्य पदार्थ
होटल के लाइसेंस में नॉनवेज शामिल नहीं होने के बावजूद नॉनवेज खाद्य सामग्री रखी मिली। लाइसेंस में बेकरी और स्वीट्स शामिल नहीं होने के बावजूद होटल में इन-हाउस बेकरी और मिठाई तैयार की जा रही थी। होटल फाइव स्टार श्रेणी का है, लेकिन निरीक्षण में संबंधित सेंट्रल लाइसेंस को लेकर भी आपत्ति सामने आई।
हाईकोर्ट से मिली राहत
इधर, बताया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा गंदगी मिलने पर किचन सील करने के मामले में सयाजी होटल को राहत मिली है। हाईकोर्ट इंदौर ने शनिवार को अर्जेंट हियरिंग करते हुए किचन खोलने के आदेश दिए। अब देखना होगा कि इस फैसले का आबकारी विभाग के आदेश पर क्या असर पड़ता है।



