नई दिल्ली। भाजपा ने देश की युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z, के साथ अपना जुड़ाव मजबूत करने के लिए एक विशेष आउटरीच कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी ने एक समर्पित केंद्रीय टीम बनाई है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े के साथ गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी जैसे चेहरे शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह टीम युवाओं की आकांक्षाओं, चिंताओं और अपेक्षाओं को समझने के साथ उनके साथ सीधे संवाद का मंच तैयार करेगी।
कौन-कौन हैं BJP की सुपर 5 टीम में
नितिन नबीन: BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वह इस पूरी पहल को संगठनात्मक दिशा देने वाले प्रमुख चेहरों में हैं। उनकी भूमिका पार्टी की रणनीति और विभिन्न राज्यों में अभियान के समन्वय से जुड़ी होगी।
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स्मृति ईरानी: पूर्व केंद्रीय मंत्री और BJP की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को इस टीम में शामिल किया गया है। युवाओं और छात्रों के बीच संवाद को लेकर उनका लंबा सार्वजनिक-राजनीतिक अनुभव इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विनोद तावड़े: राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर संगठन में लंबे अनुभव रखने वाले तावड़े भी इस पहल का हिस्सा हैं। उनका काम पार्टी संगठन और जमीनी नेटवर्क को इस कार्यक्रम से जोड़ने में अहम हो सकता है।
हर्ष सांघवी: गुजरात सरकार में मंत्री हर्ष सांघवी को भी टीम में जगह दी गई है। युवा नेतृत्व और राज्य स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों के अनुभव के चलते उन्हें नई पीढ़ी से संवाद अभियान के लिए महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है।
ओपी चौधरी: छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री ओपी चौधरी भी इस टीम का हिस्सा हैं। पार्टी की कोशिश है कि राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यों से जुड़े नेतृत्व को भी इस अभियान में शामिल किया जाए।
जंतर-मंतर आंदोलन के बाद संभली पार्टी
BJP का नया अभियान ऐसे समय शुरू हो रहा है जब राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। Gen Z का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन संवाद को राजनीतिक जानकारी हासिल करने के प्रमुख माध्यम के रूप में इस्तेमाल करता है। इसके अलावा जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के बाद हुए आंदोलन ने भाजपा की चिन्ता बढ़ा दी है। पार्टी की रणनीति केवल चुनावी अपील तक सीमित रहने के बजाय सीधे संवाद पर केंद्रित दिखाई दे रही है। इसमें युवाओं से उनकी पढ़ाई, रोजगार, कौशल, स्टार्टअप, तकनीक, सोशल मीडिया, शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना है।
विश्वविद्यालयों और युवाओं तक पहुंचने की तैयारी
यह पहल केवल पार्टी कार्यालयों या राजनीतिक सभाओं तक सीमित रखने के बजाय छात्रों और युवाओं तक सीधे पहुंच बनाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक सरकार और भाजपा की व्यापक रणनीति में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने तथा सोशल मीडिया पर युवा-उन्मुख संचार को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा Gen Z को केवल चुनावी वोटर के रूप में नहीं, बल्कि लंबे समय के राजनीतिक और सामाजिक संवाद के हिस्से के रूप में देखना चाहती है।
स्मृति ईरानी को जिम्मेदारी क्यों अहम?
स्मृति ईरानी की इस टीम में मौजूदगी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 17 अगस्त को घोषित BJP की नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें फिर से राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में उनकी वापसी के बाद अब Gen Z आउटरीच में भी उन्हें प्रमुख जिम्मेदारी मिलना यह संकेत देता है कि नेतृत्व उनके राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक संवाद क्षमता का इस्तेमाल करना चाहता है। स्मृति ईरानी पहले भी छात्रों और युवाओं के साथ सार्वजनिक चर्चाओं में हिस्सा ले चुकी हैं। ऐसे संवादों में शिक्षा, करियर, नीति और राजनीति को लेकर युवाओं से बातचीत का उनका अनुभव रहा है।



