बिहार की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य सरकार के श्रम संसाधन मंत्री और खजौली से भाजपा विधायक अरुण शंकर प्रसाद के काफिले पर कथित रूप से हमला किए जाने की खबर सामने आई। घटना में मंत्री की गाड़ी को नुकसान पहुंचा, जबकि वे किसी तरह सुरक्षित बच गए। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे थे मंत्री
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जानकारी के अनुसार, मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र स्थित ठाहर गांव पहुंचे थे। उनका उद्देश्य हाल ही में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक कृष्ण कुमार ठाकुर के परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना था। कृष्ण कुमार ठाकुर, जुगे ठाकुर के पुत्र थे और उनकी मौत एक सड़क दुर्घटना में हुई थी।
गांव पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि मंत्री के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में स्थानीय महिला और पुरुष वहां जमा हो गए। कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान कथित रूप से कुछ लोगों ने मंत्री के काफिले का विरोध करते हुए उनकी गाड़ी को निशाना बनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध इतना बढ़ गया कि मंत्री के वाहन को नुकसान पहुंचा। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद को कोई शारीरिक चोट नहीं आई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घटना के बाद पुलिस हरकत में
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मंत्री मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो बाद में कथित हमले में बदल गया।
कौन थे हमलावर? जांच शुरू
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक कैसे हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। मौके से जुटाए गए साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है।
एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



