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जयपुर। राजस्थान में इस साल हुए असेंबली चुनाव में बीजेपी की जीत के बावजूद सीएम बनने से चूक गईं वसुंधरा राजे लंबे अर्से से रहस्यपूर्ण खामोशी ओढे हुए थी। अब कई महीनों बाद आखिरकार उनका दर्द छलक ही गया है. शनिवार को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राजनीति का दूसरा नाम है उतार-चढ़ाव। हर व्यक्ति को इस दौर से गुजरना पड़ता है। इसमें व्यक्ति के सामने तीन चीजें आती है… पद, मद और कद. पद और मद स्थाई नहीं होते, लेकिन कद स्थाई होता है।
वसुंधरा ने कहा कि राजनीति में यदि किसी को पद का मद आ जाए, तो फिर उसका कद कम हो जाता है। आज कल लोगों को पद का मद आ ही जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में सबसे बड़ा पद है- जनता की चाहत, जनता का प्यार और जनता का विश्वास। ये ऐसा पद है, जिसे कोई किसी से नहीं छीन सकता।



