मध्य प्रदेश सरकार अग्निवीरों की नौकरी नियम में बदलाव करने जा रही है। हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह तय किया गया कि अग्निवीरों के लिए आरक्षण का कोटा 10% से बढ़ाकर 20% किया जाएगा। यह कदम अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में अधिक अवसर देने के लिए उठाया गया है।
अग्निवीरों के लिए आरक्षण कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव
मध्य प्रदेश सरकार ने पहले अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने की योजना बनाई थी। लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद यह कोटा बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को नया संशोधित ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
छह वर्दीधारी विभागों में लागू होगा आरक्षण
यह आरक्षण व्यवस्था पुलिस, जेल, वन, आबकारी, परिवहन और होमगार्ड जैसे छह प्रमुख वर्दीधारी विभागों में लागू होगी। इन विभागों में अग्निवीरों को हॉरिजॉन्टल (क्षैतिज) आरक्षण मिलेगा। इसका मतलब है कि सभी वर्गों जैसे SC, ST, OBC, और सामान्य श्रेणी के अग्निवीर अभ्यर्थियों को उनके संबंधित वर्गों के भीतर आरक्षण का लाभ मिलेगा।
पहला अग्निवीर बैच और नई भर्तियों की योजना
अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच अपनी चार साल की सेवा पूरी कर बाहर निकलेगा। इसके बाद सरकार जनवरी-फरवरी 2027 में नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रही है। इससे अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी सेवा के बाद रोजगार सुनिश्चित होगा।
सरकारी प्रक्रिया और कैबिनेट की मंजूरी
सामान्य प्रशासन विभाग आगामी एक से दो हफ्तों में संशोधित प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार कर राज्य कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करेगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यह बदलाव लागू हो जाएगा। इस प्रक्रिया से अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में नियुक्ति की प्रक्रिया और भी पारदर्शी और सुनिश्चित होगी।
आम आदमी पर अग्निवीरों की नौकरी नियम में बदलाव का असर
इस आरक्षण बढ़ोतरी से आम जनता को भी लाभ होगा क्योंकि अग्निवीरों को नौकरी मिलने से उनका आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इससे सामाजिक सुरक्षा बढ़ेगी और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। वहीं, सरकारी विभागों में अनुभवी और प्रशिक्षित कर्मी जुड़ेंगे, जिससे सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
आगे की चुनौतियां और संभावनाएं
हालांकि आरक्षण बढ़ाने का निर्णय सकारात्मक है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। विभागों में समुचित संसाधन और प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, अग्निवीरों की नौकरी नियमों में और सुधार की भी संभावनाएं हैं, ताकि उनकी सेवा के बाद स्थायी रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। सरकार की यह पहल आगामी वर्षों में राज्य के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में सहायक साबित होगी।



