इंदौर में फेसबुक पर ड्राय फ्रूट का झूठा विज्ञापन देखकर ऑनलाइन ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इस घटना की शिकार कनाड़िया थाना क्षेत्र की निवासी गुरविंदर कौर बनीं, जिन्होंने फेसबुक पर एक फर्जी पेज से अंजीर और बादाम का ऑर्डर दिया था। इसके बाद उनके बैंक खाते से ₹91,000 की ठगी हो गई।
फेसबुक विज्ञापन के जरिए हुई ऑनलाइन ठगी
10 सितंबर 2026 को गुरविंदर कौर ने फेसबुक पर ‘श्रीराम ड्राय फ्रूट’ नाम के पेज पर एक विज्ञापन देखा। इसमें ड्राय फ्रूट्स की होम डिलीवरी का झांसा दिया गया था। महिला ने ₹1,500 ऑनलाइन भुगतान कर अंजीर और बादाम मंगवाने की कोशिश की। लेकिन, इसके बाद ठगों ने ऑनलाइन ठगी का खेल शुरू कर दिया।
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ठगों ने पहले कुछ रुपए वापस भेजकर भरोसा जीतने की कोशिश की और फिर महिला को मोबाइल पर कोड कॉपी-पेस्ट करवाकर उनके खाते से बड़ी रकम उड़ा ली।
कोड कॉपी-पेस्ट कर खाते से निकाले गए ₹91,000
ठगों ने महिला को एक कोड भेजा, जिसे कॉपी-पेस्ट करने को कहा। इसके बाद लगातार कोड भेजे गए और महिला के बैंक खाते से ₹91,000 तक की रकम चोरी हो गई। महिला को इस बात का पता तब चला जब बैंक बैलेंस चेक किया गया।
इसके अलावा, आरोपी ने एआई तकनीक की मदद से ₹91,000 की रिफंड का एक फर्जी स्क्रीनशॉट भी भेजा ताकि महिला का भरोसा बना रहे।
साइबर हेल्पलाइन पर हुई शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच
ठगी का पता चलते ही गुरविंदर कौर ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद इंदौर के कनाड़िया थाना पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को मामला दर्ज कर आरोपी के कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन की छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस अब डिजिटल पेमेंट और मोबाइल नंबर के जरिए ठगों के नेटवर्क का पता लगाने में लगी है।
फेसबुक पर झूठे विज्ञापनों से आम लोगों का नुकसान
फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठे विज्ञापन आम आदमी के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। ऐसे विज्ञापन लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन वे अक्सर धोखाधड़ी का माध्यम होते हैं।
इस घटना से स्पष्ट है कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। किसी भी साइट या पेज से खरीदारी करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचनी चाहिए।
ऑनलाइन ठगी के खिलाफ सुरक्षा के उपाय
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि उपयोगकर्ता फर्जी नंबर या पेज से संपर्क न करें। साथ ही, किसी भी कोड को मोबाइल या कंप्यूटर में कॉपी-पेस्ट करने से पहले सावधानी बरतें।
इसके अलावा, डिजिटल पेमेंट के दौरान सुरक्षा फीचर्स जैसे ओटीपी और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।
पुलिस की आगामी रणनीति और जांच की दिशा
कनाड़िया पुलिस आरोपी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया एक्टिविटी का विश्लेषण कर रही है। पुलिस जल्द ही साइबर क्राइम विशेषज्ञों की मदद से ठगों का नेटवर्क पकड़ने का प्रयास करेगी।
यदि आरोपी का पता चलता है, तो उन्हें कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।



