नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार में मंत्री शिवशंकर ने कहा कि राम का कोई अस्तित्व ही नहीं है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने राम मंदिर पर भी विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा था कि भगवान राम से जुड़ा कोई भी ऐतिहासिक साक्ष्य नहीं है, जिससे इस बात की पुष्टि हो सके कि भगवान राम का कोई अस्तित्व हो।
उल्लेखनीय है कि अभी कुछ ही दिन पहले उसी राज्य में डीएमके पार्टी के ही एक अन्य मंत्री, कानून मंत्री एस रघुपति ने कहा था कि भगवान राम सामाजिक न्याय के जबरदस्त समर्थक, धर्मनिरपेक्षता के अग्रदूत और सभी के लिए समानता के समर्थक थे, लेकिन अब परिवहन मंत्री शिवशंकर ने दावा कर दिया है कि भगवान राम कभी अस्तित्व में नहीं थे।
भाजपा ने किया हमला
एसएस शिवशंकर के इस बयान को लेकर बीजेपी नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हमेशा से ही राम मंदिर के अस्तित्व को ठुकराया है। इसके लिए इस देश की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। पूनावाला ने कहा, ये लोग अब अपनी हदें पार कर रहे हैं। अगर इन्हें लगता है कि ये अपने बयानों से राजनीतिक फायदा उठा लेंगे, तो मैं याद दिला दूं कि इनकी यह गलतफहमी है।
राहुल से पूछे गए सवाल
शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी संसद में शिवजी के बारे में बड़े-बड़े उपदेश देते हैं, लेकिन क्या राहुल गांधी डीएमके के ऊपर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करेंगे, नहीं करेंगे। क्योंकि राहुल गांधी की खुद की अपनी एक फिलॉसफी है कि वोट बैंक के लिए चाहिए ताली, और हिंदुओं को गाली। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अस्तित्व को यूपीए ने नकार दिया था। उन्होंने तो बाकायदा हलफनामा दिया था कि हम राम जी को नहीं मानते। राम जी के मंदिर का विरोध किया। इस मुद्दे को लटकाए रखा। कई सालों तक मामला कोर्ट में विचाराधीन रहा।
अन्नामलाई ने भी पूछे सवाल
उधर बीजेपी तमिलनाडु अध्यक्ष अन्नामलाई ने भगवान राम के अस्तित्व को लेकर अपने कैबिनेट सहयोगी के विरोधाभासी बयान के लिए राज्य के परिवहन मंत्री एस. एस. शिवशंकर पर शनिवार को कटाक्ष किया। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भगवान श्रीराम के प्रति द्रमुक का अचानक उमड़ा जुनून वास्तव में देखने लायक है – किसने ऐसा सोचा होगा? पिछले सप्ताह दूसरे मंत्री रघुपति ने कहा था कि भगवान राम सामाजिक न्याय के जबरदस्त समर्थक, धर्मनिरपेक्षता के अग्रदूत और सभी के लिए समानता के समर्थक थे। अब परिवहन मंत्री कुछ और कह रहे हैं। अन्नामलाई ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि द्रमुक सरकार के मंत्री रघुपति और शिवशंकर बैठें, चर्चा करें और भगवान राम के संबंध में आम सहमति पर पहुंचें।
संत समाज ने जताई नाराजगी
वहीं तमिलनाडु के मंत्री एसएस शिवशंकर के विवादित बयान पर संत समाज ने नाराजगी जाहिर की है। पातालपुरी पीठाधीश्वर के अध्यक्ष महंत बालक दास ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इन मंत्री संत्री को न इतिहास का पता है और न भूगोल का। इन लोगों को धार्मिक ज्ञान भी नहीं है। ये लोग हर बयान अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के मकसद से देते हैं।
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