मध्यप्रदेश में भाजपा ने अपने राजनीतिक अभियान में बड़ा बदलाव करते हुए नया नारा “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” अपनाया है। यह बदलाव भाजपा द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरण अभियान के पिछले नारे “लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ” की जगह हुआ है। इस बदलाव के साथ ही अभियान को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के नए नारे के तहत भाजपा ने कांग्रेस पर किया हमला
मध्यप्रदेश में भाजपा का अभियान “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” कांग्रेस के खिलाफ केंद्रित है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के शासनकाल में अराजकता फैली और लोकतंत्र को संकट में डाला गया। इस नारे के माध्यम से पार्टी जनता को जागरूक कर कांग्रेस की नीतियों और इतिहास पर सवाल उठाएगी।
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अभियान के तहत भाजपा मतदाता सूची के विशेष सघन संशोधन (SIR) और संवैधानिक प्रक्रियाओं के मुद्दों पर जोर दे रही है। यह कदम कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के साथ-साथ मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

अभियान की अवधि और संचालन की व्यवस्था
भाजपा ने इस अभियान को 5 नवंबर 2026 तक चलाने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर इस अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। प्रदेश संयोजक के रूप में डॉ. निशांत खरे को नियुक्त किया गया है, जो पूरे प्रदेश में अभियान का संचालन करेंगे।
राज्य स्तरीय टीम में सांसद व प्रदेश महामंत्री लता वानखेड़े, सांसद आलोक शर्मा, ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदिता पाठक, विधायक राजेश शुक्ला और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
अभियान के तहत आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम
भाजपा इस अभियान के दौरान कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसमें जिला मुख्यालयों पर पदयात्राएं, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में गोष्ठियां, नुक्कड़ सभाएं और सोशल मीडिया पर सक्रियता शामिल है। कुल मिलाकर सात प्रमुख कार्यक्रम तय किए गए हैं।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी युवाओं और पेशेवरों तक पहुंचने का प्रयास करेगी। विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों में लोकतंत्र और अराजकता के विषय पर संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।
युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान
भाजपा इस अभियान में युवाओं को जोड़ने को प्राथमिकता दे रही है। प्रदेशभर के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और आईटीआई संस्थानों में विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य दस लाख से अधिक युवाओं तक पहुंचना है।
युवाओं को लोकतंत्र की महत्ता से अवगत कराने और कांग्रेस की नीतियों के विरुद्ध जागरूक करने के लिए प्रतियोगिताएं, परिचर्चाएं और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इससे राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की उम्मीद है।
मतदाता सूची के विशेष सघन संशोधन का महत्व
मतदाता सूची के विशेष सघन संशोधन (SIR) के मुद्दे पर भाजपा का यह अभियान खास महत्व रखता है। इसके जरिए मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा का मानना है कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता में भ्रम फैला रही है। इसलिए इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची के सुधार और संवैधानिक प्रक्रियाओं को समझाना आवश्यक है।
अभियान के प्रभाव और आगे की संभावनाएं
मध्यप्रदेश में भाजपा का यह नया अभियान राजनीतिक माहौल को प्रभावित करेगा। कांग्रेस पर ‘अराजकता’ का आरोप लगाकर भाजपा अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।
आगे चलकर यह अभियान विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क माध्यम बन सकता है। इसके परिणामस्वरूप मतदाताओं के बीच स्पष्ट संदेश पहुंचाने में मदद मिलेगी।



