युद्ध के कई मोर्चों पर फंसा इजराइल, विपक्ष का बड़ा हमला — रणनीति के बिना लड़ रही सेना
इजराइल के विपक्षी नेता यायर लैपिड ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि देश की सेना को बिना किसी स्पष्ट रणनीति के युद्ध में झोंक दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि सेना को न केवल सीमित संसाधनों के साथ भेजा गया है, बल्कि मैदान में उतारे गए सैनिकों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है।
एक वीडियो संदेश में लैपिड ने कहा कि सेना अपनी क्षमता की अंतिम सीमा तक पहुंच चुकी है और उससे भी आगे काम कर रही है। उनके मुताबिक, सरकार घायल और थकी हुई सेना को ही लगातार युद्ध में बनाए हुए है।
लैपिड ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सेना को “बिना योजना, बिना जरूरी संसाधनों और कम सैनिकों के साथ कई मोर्चों पर लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि रिजर्व सैनिक पूरी तरह थक चुके हैं और अब देश की सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम नहीं रह गए हैं।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद से क्षेत्र में संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
तब से इजराइली सेना एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है—ईरान और लेबनान में हमले, सीरिया में दुश्मन ठिकानों को निशाना बनाना, और साथ ही हिजबुल्लाह व ईरान की ओर से हो रहे जवाबी हमलों का सामना करना।
इस स्थिति ने सेना को एक जटिल और बहु-स्तरीय युद्ध में उलझा दिया है, जिस पर अब देश के भीतर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।



