TMC Crisis: ममता बनर्जी को बड़ा झटका? 19 सांसदों की ‘बागी लिस्ट’ वायरल, सायोनी घोष और यूसुफ पठान के नाम से मचा सियासी भूचाल!

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नई हलचल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी की चुनावी हार के बाद अब करीब 20 सांसदों के बागी होने की चर्चाओं के बीच 19 सांसदों की एक कथित सूची सामने आई है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम को लेकर हो रही है, वह है सायोनी घोष। उनके साथ पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान का नाम भी इस सूची में शामिल बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इन सांसदों ने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय को अपने नाम भेजे थे।

दिलचस्प बात यह है कि पहले जिन रिपोर्टों में अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का नाम संभावित बागियों में बताया जा रहा था, वह इस नई सूची से गायब है।

बागी सूची में शामिल बताए जा रहे सांसद

  • काकोली घोष
  • अरूप चक्रवर्ती
  • रचना बनर्जी
  • सायोनी घोष
  • खलीलुर्रहमान
  • अबू ताहिर खान
  • यूसुफ पठान
  • शताब्दी रॉय
  • बापी हलदर
  • डॉ. शर्मिला सरकार
  • प्रसून बंद्योपाध्याय
  • दीपक अधिकारी
  • जून मालिया
  • पार्थ भौमिक
  • जगदीश बर्मा बसुनिया
  • असित कुमार मल
  • मिताली बैग
  • माला रॉय
  • कालीपद सोरेन

क्यों चर्चा में हैं सायोनी घोष?

सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम सायोनी घोष का माना जा रहा है। उन्हें लंबे समय से अभिषेक बनर्जी का करीबी और पार्टी का उभरता हुआ लोकप्रिय चेहरा माना जाता है। यदि उनके नाम वाली यह सूची सही साबित होती है, तो यह ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व के लिए बड़ा राजनीतिक झटका हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान सायोनी घोष ने वरिष्ठ नेता काकोली घोष से भी संपर्क किया था, जिससे अटकलों को और बल मिला है।

कीर्ति आजाद ने क्या कहा?

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने इन दावों को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि लगभग हर दिन नई सूची सामने आ रही है और उनमें लगातार बदलाव हो रहे हैं।

उनके अनुसार, “एक दिन 19 नाम होते हैं, अगले दिन कुछ नाम बदल जाते हैं और फिर नई सूची आ जाती है। इन सूचियों की विश्वसनीयता पर सवाल हैं।”

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई नेता पार्टी छोड़ना चाहता है, तो उसे खुलकर अपना फैसला बताना चाहिए और बाद में टीएमसी का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं करना चाहिए।

क्या बंगाल की राजनीति में आने वाला है बड़ा उलटफेर?

क्या यह सूची वास्तव में टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत है, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक अटकलों का हिस्सा है? अगर इतने बड़े चेहरे पार्टी से अलग होते हैं, तो क्या ममता बनर्जी के राजनितिक भविष्य  पर असर पड़ेगा?

आपकी क्या राय है? क्या टीएमसी में सचमुच बड़ी बगावत की तैयारी चल रही है, या यह विपक्ष द्वारा फैलाया गया राजनीतिक नैरेटिव है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

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