ओमान तट के पास हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद कांग्रेस पार्टी ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और केंद्र सरकार दोनों पर तीखा निशाना साधा है। पार्टी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ओमान के तट पर तीन भारतीय नाविकों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करती है। हम उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ इस कठिन समय में खड़े हैं।”
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इसके साथ ही कांग्रेस ने अमेरिका की उन सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की, जिनके कारण क्षेत्र में नागरिक जहाज़ों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबंधों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की बात आती है, तब केवल व्यक्तिगत रिश्तों का दावा पर्याप्त नहीं है।
कांग्रेस ने कहा, “प्रधानमंत्री ने कई बार राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश किया है, लेकिन जब भारतीयों की जान और हितों की रक्षा की बात आती है, तो जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते।
भारतीय जहाज लगातार निशाने पर
एमटी सेटेबेलो (10 जून):
24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया।
एमटी मारिवेक्स (8 जून):
24 भारतीय नाविक सवार थे। हमले के बाद सभी को सुरक्षित बचा लिया गया था। इसकी पुष्टि ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने की थी।
एमटी जलवीर (11 जून):
20 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। हमले की सूचना मिली, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
बढ़ती चिंता के बीच बड़ा सवाल
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच लगातार भारतीय क्रू वाले जहाज़ों का निशाना बनना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। क्या खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता संघर्ष भारतीय नागरिकों और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए नया खतरा बन रहा है?
आपकी क्या राय है? क्या भारत सरकार को इस मुद्दे पर अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक सख्त रुख अपनाना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें।



