Ayodhya News, UP Politics और Ajay Rai को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद सामने आया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया है कि अयोध्या पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें एक होटल में नजरबंद कर दिया और बाद में अपने साथ ले गई।
अजय राय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें दो पुलिस अधिकारी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह पुलिस अधिकारी से सवाल करते हैं, “क्या दर्शन के लिए भी सरकार रोक देगी?” इस पर एक अधिकारी जवाब देता है, “नहीं, हम दर्शन करा देंगे।”
👉 यह भी पढ़ें:
- Jammu Kashmir Martyrs Day 2026: इल्तिजा मुफ्ती का बड़ा दावा, ‘हमें घर में नजरबंद किया गया’, महबूबा मुफ्ती को लेकर भी चर्चा
- जम्मू-कश्मीर में छात्र आरक्षण आंदोलन से पहले बड़ा एक्शन, महबूबा मुफ्ती सहित कई नेता हाउस अरेस्ट
- आप सांसद संजय सिंह श्रीनगर के सरकारी गेस्ट हाउस में नजरबंद, अपनी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के बाद धरना देने पहुंचे थे
- नेता पुत्रों पर एक्शन में प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल, कहा-ऐसा न हो कि आपका बेटा भाषण देकर आ जाए, परिवार की बजाए पार्टी को बढ़ाएं
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पहली ही बैठक में दिखाए सख्त तेवर, कहा-कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुझे भोपाल में ही नजर आते हैं
- भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल का इंदौर में जोरदार स्वागत, इस मौके पर भी खुद को वरिष्ठ बताने में ही जुटे रहे मंत्री विजयवर्गीय
अजय राय के अनुसार, 30 जून को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन और पूजन के लिए अयोध्या जाने वाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अयोध्या पहुंचते ही प्रशासन ने कार्रवाई की।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में अजय राय ने कहा कि, “मैं अयोध्या पहुँचा ही था कि बीजेपी सरकार इतनी डर गई कि पुलिस मुझे होटल से अपनी जीप में बैठाकर ले जा रही है। अयोध्या में जमीन घोटालों और चढ़ावा चोरी करने वाले ‘चढ़ावा चोरों’ को राम भक्तों के आने से डर क्यों लग रहा है?”
इसके बाद अजय राय की पत्नी रीना राय ने भी एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस उनके पति को अपने साथ ले जाने के बाद उनके सहयोगियों को गलत जानकारी देकर भटका रही है।
फिलहाल, इस मामले पर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मुद्दा Uttar Pradesh Politics में चर्चा का विषय बना हुआ है।



