👉 यह भी पढ़ें:
- दतिया उपचुनाव में हार के बाद एक्शन में भाजपा, जिले के पूरे संगठन को किया भंग, जांच के बाद कई नेता बाहर होंगे
- भीतरघातियों ने तो दतिया हरवा दिया, जो जिताने गए थे, उन्होंने क्या किया?
- किसी मुगालते में मत रहना दद्दा, दतिया में आपने भाजपा को नहीं हराया!
- प्रशांत किशोर ने तोड़ा भाजपा का घमंड, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक बांकीपुर सीट पर उड़ाया गर्दा
- क्या दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटना भाजपा को पड़ा भारी, कहीं फेल तो नहीं हो गया मोदी फॉर्मूला?
- Parliament में चंदा चोरी के खिलाफ प्रदर्शन पर गरमाई सियासत, भाजपा ने राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा, रिजिजू ने भी विपक्ष को घेरा
0:00 left
लखनऊ। यूपी की राजनीति में इन दिनों नारों पर सियासत चल रही है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बंटेंगे तो कटेंगे के नारे पर सपा की तरफ से जुड़ेंगे तो जीतेंगे का पोस्टर लगाया गया है। अब अखिलेश यादव ने एक्स पर कहा है कि भाजपा के नारे पर तंज कसा है। अखिलेश ने कहा कि जिनका नजरिया जैसा, उनका नारा वैसा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10 प्रतिशत मतदाता बचे हैं अब वे भी खिसकने के कगार पर हैं। इसलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं। अखिलेश ने कहा कि नकारात्मक नारे का असर भी होता है। ऐसे नारों से उनके समर्थक भी निराश हो रहे हैं। देश के इतिहास में ये नारा निकृष्टतम–नारे के रूप में दर्ज होगा। अखिलेश ने कहा कि यह उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी शाब्दिक कील–सा साबित होगा। देश और समाज के हित में उन्हें अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए। अखिलेश ने सलाह दी कि पालें तो अच्छे विचार पालें और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बांहों को भी, इसी में उनकी भलाई है।



